रोपड़ जिले में चमकौर साहिब के गांवों के पास सतलुज नदी में अवैध खनन को लेकर क्षेत्र में रोष बढ़ रहा है। जहां विभिन्न किसान और सामाजिक संगठनों ने स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो डीसी रूपनगर कार्यालय के बाहर विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और रूपनगर हाईवे जाम करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। मोर्चे के नेताओं लखबीर सिंह हाफिजाबाद, जसप्रीत सिंह जस्सा, जगीर सिंह, मनिंदर सिंह बाजीदपुर और जगदीप सिंह चूहरमाजरा ने पत्रकारों को बताया कि गांव गोबिंदगढ़ कुलचियां और कमालपुर क्षेत्र से रेत से भरे अवैध टिपर व ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पकड़ी गई थीं। इन वाहनों को माइनिंग विभाग के अधिकारियों के हवाले किया गया, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। कई ड्राइवरों के पास नहीं मिली वैध पर्ची नेताओं का आरोप है कि कई ड्राइवरों के पास कोई वैध पर्ची नहीं थी, जबकि कुछ के पास जो पर्चियां थीं, वे निर्धारित समय से बाद की थीं। साथ ही, ट्रॉलियों में भरी रेत पर्ची पर दर्ज वजन से लगभग दोगुनी पाई गई, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई संगठनों ने यह भी आरोप लगाया कि पकड़े गए वाहनों को नवांशहर जिले के माइनिंग विभाग के एक जूनियर इंजीनियर द्वारा थाने से छुड़वाया गया। इस संबंध में विभाग के एक्सईएन संदीप सिंह मांगट को भी शिकायत दी गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बरसात में बाढ़ का खतरा बढ़ा संगठनों ने पंजाब के मुख्यमंत्री और क्षेत्र के लोकसभा सदस्य मालविंदर सिंह कंग से मौके का दौरा कर स्थिति का जायजा लेने की मांग की है। उनका कहना है कि माइनिंग/डी-सिल्टिंग के नाम पर तय मानकों से कई गुना अधिक गहरी खुदाई की गई है, जिससे बरसात में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। पुलिस ने बढ़ाई रात की गश्त उधर, एसएचओ सब-इंस्पेक्टर रजिंदर कुमार ने बताया कि संबंधित माइनिंग साइट को मंजूरशुदा बताया गया था और लिखित सूचना के आधार पर ही वाहन छोड़े गए। उन्होंने यह भी बताया कि कमालपुर में पकड़ी गई ट्रॉली पर कार्रवाई जारी है तथा पुलिस ने रात्रि गश्त बढ़ा दी है।


