बांका के रजौन बाजार स्थित विवाह भवन में आयोजित जिला स्तरीय किसान कार्यशाला में हंगामा हो गया। बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण और विपणन सहकारी फेडरेशन द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में सब्जी उत्पादक समिति के गठन को लेकर किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। कार्यशाला का आयोजन बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी फेडरेशन की ओर से किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय किसान शामिल हुए। धोरैया विधायक मनीष कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। किसानों को फेडरेशन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी इस दौरान बिहार राज्य भंडारा निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. गगन, कीवीसा प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ नीरज कुमार, कीवीसा लिमिटेड की डायरेक्टर सोनल तिवारी, कृषि विशेषज्ञ डॉ. प्रियरंजन और कीवीसा के कृषि अधिकारी रूपेश राज ने किसानों को फेडरेशन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने सहकारिता के माध्यम से जैविक सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने और सरकार के सहयोग से उपज के विक्रय हेतु सुनिश्चित बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया। बताया गया कि इससे सब्जी उत्पादक किसानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और जैविक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। ”समिति का गठन कब और कैसे हुआ, इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई” कार्यशाला में यह भी बताया गया कि योजना के तहत प्रत्येक प्रखंड में सब्जी उत्पादक सहयोग समिति का गठन किया गया है। हालांकि, इसी घोषणा के बाद कई किसान आक्रोशित हो उठे। उन्होंने आरोप लगाया कि समिति का गठन कब और कैसे हुआ, इसकी कोई जानकारी उन्हें नहीं दी गई। बाराहाट जदयू प्रखंड अध्यक्ष निखिल बहादुर सिंह उर्फ मानसिंह और भाजपा नेता निरंजन चौधरी ने जिला व प्रखंड सहकारिता पदाधिकारियों पर गुपचुप तरीके से समिति गठन करने का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि समिति में वास्तविक और जमीनी किसानों को ही सदस्य व अध्यक्ष बनाया जाए। उपस्थित किसानों ने इस मांग का समर्थन किया। इस अवसर पर धोरैया विधानसभा क्षेत्र के सैकड़ों किसान उपस्थित थे। बांका के रजौन बाजार स्थित विवाह भवन में आयोजित जिला स्तरीय किसान कार्यशाला में हंगामा हो गया। बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण और विपणन सहकारी फेडरेशन द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में सब्जी उत्पादक समिति के गठन को लेकर किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। कार्यशाला का आयोजन बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी फेडरेशन की ओर से किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय किसान शामिल हुए। धोरैया विधायक मनीष कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। किसानों को फेडरेशन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी इस दौरान बिहार राज्य भंडारा निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. गगन, कीवीसा प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ नीरज कुमार, कीवीसा लिमिटेड की डायरेक्टर सोनल तिवारी, कृषि विशेषज्ञ डॉ. प्रियरंजन और कीवीसा के कृषि अधिकारी रूपेश राज ने किसानों को फेडरेशन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने सहकारिता के माध्यम से जैविक सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने और सरकार के सहयोग से उपज के विक्रय हेतु सुनिश्चित बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया। बताया गया कि इससे सब्जी उत्पादक किसानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और जैविक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। ”समिति का गठन कब और कैसे हुआ, इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई” कार्यशाला में यह भी बताया गया कि योजना के तहत प्रत्येक प्रखंड में सब्जी उत्पादक सहयोग समिति का गठन किया गया है। हालांकि, इसी घोषणा के बाद कई किसान आक्रोशित हो उठे। उन्होंने आरोप लगाया कि समिति का गठन कब और कैसे हुआ, इसकी कोई जानकारी उन्हें नहीं दी गई। बाराहाट जदयू प्रखंड अध्यक्ष निखिल बहादुर सिंह उर्फ मानसिंह और भाजपा नेता निरंजन चौधरी ने जिला व प्रखंड सहकारिता पदाधिकारियों पर गुपचुप तरीके से समिति गठन करने का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि समिति में वास्तविक और जमीनी किसानों को ही सदस्य व अध्यक्ष बनाया जाए। उपस्थित किसानों ने इस मांग का समर्थन किया। इस अवसर पर धोरैया विधानसभा क्षेत्र के सैकड़ों किसान उपस्थित थे।


