शेखपुरा में नागरिक मंच ने जिला मुख्यालय के पास सरकार द्वारा प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने की मांग की है। इस मांग को लेकर 16 जनवरी को धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस धरने को ‘जनभावनाओं का प्रकटीकरण’ नाम दिया गया है, और आयोजकों का दावा है कि यह किसी पार्टी या प्रशासन के विरोध में नहीं, बल्कि आम जनता के हित में है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और वरिष्ठ नेता जितेंद्र नाथ ने रविवार को शहर के एक निजी सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल को जिला मुख्यालय से दूर शेखोपुरसराय के खुड़िया में खोला जाना अव्यावहारिक है और शेखपुरा के लाखों निवासियों के हित में नहीं है। राय-मशवरा के बाद ही जिला प्रशासन कोई अंतिम निर्णय लेगा जितेंद्र नाथ ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले जिलाधिकारी से मिलकर अपनी और जिला मुख्यालय के आम लोगों की भावना से अवगत कराया था। जिलाधिकारी ने कहा कि शेखोपुरसराय के खुड़िया बाजितपुर में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोले जाने का प्रस्ताव अभी अंतिम नहीं है। इस बारे में सभी हितधारकों से राय-मशवरा के बाद ही जिला प्रशासन कोई अंतिम निर्णय लेगा। उन्होंने दोहराया कि खुड़िया बाजितपुर में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल बनने से जिले के एक बड़े भूभाग के लाखों लोग इसके लाभ से वंचित रह जाएंगे। इसके विपरीत, वहां पढ़ाई करने वाले और पढ़ाने वाले सभी को अपनी दैनिक उपयोग की वस्तुओं के लिए जिला मुख्यालय ही आना होगा। नालंदा जिले में पावापुरी मेडिकल कॉलेज पहले से ही स्थापित जितेंद्र नाथ ने यह भी बताया कि शेखोपुरसराय से महज 5-6 किलोमीटर की दूरी पर नालंदा जिले में पावापुरी मेडिकल कॉलेज पहले से ही स्थापित है। खुड़िया बाजितपुर में आने-जाने के लिए सड़क और रेल मार्ग भी उपलब्ध नहीं है। यह स्थान जिले के अंतिम छोर पर अवस्थित है, जहां से नवादा और नालंदा जिले की सीमाएं शुरू होती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा केवल मेडिकल कॉलेज खोलना नहीं, बल्कि अपने जिले के नागरिकों को उत्तम स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है। इस संबंध में सरकार के निर्देशों के आलोक में जिला प्रशासन जिला मुख्यालय के आसपास भूमि उपलब्ध करा सकता है। जिला प्रशासन सरकार के निर्देशों के आलोक में कर सकती है भूमि अधिग्रहण सरकारी भूमि की अनुपलब्धता पर जिला प्रशासन सरकार के निर्देशों के आलोक में भूमि अधिग्रहण भी कर सकती है। जिला मुख्यालय के आसपास मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल बनने से जिले के बहुत बड़ी आबादी को लाभ मिलेगा। उन्होंने 16 जनवरी को आयोजित जनभावना के प्रकटीकरण को लेकर किया जा रहे धरना में अधिक से अधिक लोगों को सहयोग करने की अपील की है। प्रेस कांग्रेस में उनके साथ राजेश रंजन उर्फ गुरु जी, पप्पू राज मंडल, प्रमोद यादव ,विपिन चौरसिया, प्रेम कुमार गुप्ता, दानी प्रसाद, सुरेंद्र दास सहित अन्य मौजूद थे। शेखपुरा में नागरिक मंच ने जिला मुख्यालय के पास सरकार द्वारा प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने की मांग की है। इस मांग को लेकर 16 जनवरी को धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस धरने को ‘जनभावनाओं का प्रकटीकरण’ नाम दिया गया है, और आयोजकों का दावा है कि यह किसी पार्टी या प्रशासन के विरोध में नहीं, बल्कि आम जनता के हित में है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और वरिष्ठ नेता जितेंद्र नाथ ने रविवार को शहर के एक निजी सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल को जिला मुख्यालय से दूर शेखोपुरसराय के खुड़िया में खोला जाना अव्यावहारिक है और शेखपुरा के लाखों निवासियों के हित में नहीं है। राय-मशवरा के बाद ही जिला प्रशासन कोई अंतिम निर्णय लेगा जितेंद्र नाथ ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले जिलाधिकारी से मिलकर अपनी और जिला मुख्यालय के आम लोगों की भावना से अवगत कराया था। जिलाधिकारी ने कहा कि शेखोपुरसराय के खुड़िया बाजितपुर में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोले जाने का प्रस्ताव अभी अंतिम नहीं है। इस बारे में सभी हितधारकों से राय-मशवरा के बाद ही जिला प्रशासन कोई अंतिम निर्णय लेगा। उन्होंने दोहराया कि खुड़िया बाजितपुर में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल बनने से जिले के एक बड़े भूभाग के लाखों लोग इसके लाभ से वंचित रह जाएंगे। इसके विपरीत, वहां पढ़ाई करने वाले और पढ़ाने वाले सभी को अपनी दैनिक उपयोग की वस्तुओं के लिए जिला मुख्यालय ही आना होगा। नालंदा जिले में पावापुरी मेडिकल कॉलेज पहले से ही स्थापित जितेंद्र नाथ ने यह भी बताया कि शेखोपुरसराय से महज 5-6 किलोमीटर की दूरी पर नालंदा जिले में पावापुरी मेडिकल कॉलेज पहले से ही स्थापित है। खुड़िया बाजितपुर में आने-जाने के लिए सड़क और रेल मार्ग भी उपलब्ध नहीं है। यह स्थान जिले के अंतिम छोर पर अवस्थित है, जहां से नवादा और नालंदा जिले की सीमाएं शुरू होती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा केवल मेडिकल कॉलेज खोलना नहीं, बल्कि अपने जिले के नागरिकों को उत्तम स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है। इस संबंध में सरकार के निर्देशों के आलोक में जिला प्रशासन जिला मुख्यालय के आसपास भूमि उपलब्ध करा सकता है। जिला प्रशासन सरकार के निर्देशों के आलोक में कर सकती है भूमि अधिग्रहण सरकारी भूमि की अनुपलब्धता पर जिला प्रशासन सरकार के निर्देशों के आलोक में भूमि अधिग्रहण भी कर सकती है। जिला मुख्यालय के आसपास मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल बनने से जिले के बहुत बड़ी आबादी को लाभ मिलेगा। उन्होंने 16 जनवरी को आयोजित जनभावना के प्रकटीकरण को लेकर किया जा रहे धरना में अधिक से अधिक लोगों को सहयोग करने की अपील की है। प्रेस कांग्रेस में उनके साथ राजेश रंजन उर्फ गुरु जी, पप्पू राज मंडल, प्रमोद यादव ,विपिन चौरसिया, प्रेम कुमार गुप्ता, दानी प्रसाद, सुरेंद्र दास सहित अन्य मौजूद थे।


