मंडी में सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (CITU) हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी की बैठक कॉमरेड तारा चंद भवन मंडी में विजेंद्र मैहरा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सीटू ने विभिन्न मजदूर वर्गों की मांगों को लेकर संघर्ष तेज करने और आगामी आंदोलनों की रणनीति पर चर्चा की। इसमें धर्मपुर मंडल से निकाले गए 169 आउटसोर्स मजदूरों की बहाली की मांग प्रमुख रही। बैठक में निर्णय लिया गया कि 24 मार्च को दिल्ली में होने वाली रैली में सीटू से जुड़ी यूनियनों के सदस्य भाग लेंगे। इसके अतिरिक्त, हिमाचल प्रदेश राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड से लंबित लाभ जारी न होने के विरोध में 26 से 28 मई तक हमीरपुर स्थित बोर्ड कार्यालय पर ‘घेरा डालो- डेरा डालो’ आंदोलन किया जाएगा। 8 जून को शिमला में होगी महारैली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों को लेकर 8 जून को शिमला में महारैली आयोजित की जाएगी, जबकि मिड-डे मील कार्यकर्ताओं की मांगों के लिए 22 जून को शिमला में प्रदर्शन होगा। सीटू ने धर्मपुर मंडल से 169 आउटसोर्स मजदूरों को नौकरी से निकालने की कड़ी निंदा की और उनकी तत्काल बहाली की मांग की। संगठन ने आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने के लिए नीति बनाने की मांग को लेकर जल्द ही शिमला में राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित करने का भी फैसला किया। एम्बुलेंस कर्मचारियों की मांगों को लेकर 7 मार्च को शिमला में एनएचएम, कंपनी और यूनियन के बीच त्रिपक्षीय बैठक होगी। सीटू ने चिंता व्यक्त की कि कंपनी द्वारा कुछ यूनियन पदाधिकारियों के स्थानांतरण और अन्य प्रकार से प्रताड़ित करने के फैसलों को अभी तक समझौते के अनुसार लागू नहीं किया गया है। यदि 7 मार्च तक कंपनी इसे लागू नहीं करती है, तो यूनियन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होगी। मल्टीटास्क मजदूरों की मांगों पर भी चर्चा बैठक में सफाई, सीवरेज, एसबीआई और मल्टीटास्क मजदूरों की मांगों पर भी चर्चा हुई और इनके लिए भी आंदोलन छेड़ने का निर्णय लिया गया। आशा कार्यकर्ताओं की राज्य स्तरीय बैठक भी जल्द ही आयोजित की जाएगी। रेहड़ी-फहड़ी यूनियन का राज्य सम्मेलन 9 अप्रैल को मंडी में आयोजित करने का निर्णय लिया गया। सीटू 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस और 23 मार्च को शहीदी दिवस पर सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित करेगी। इसके अलावा, सीटू का प्रशिक्षण शिविर 24, 25 और 26 अप्रैल को कुल्लू में होगा।


