Prayagraj में पूर्व प्रधान की हत्या के मामले में मुठभेड़ के बाद 4 आरोपी गिरफ्तार

Prayagraj में पूर्व प्रधान की हत्या के मामले में मुठभेड़ के बाद 4 आरोपी गिरफ्तार

प्रयागराज जिले में गंगा नगर के हंडिया थाना क्षेत्र में मंगलवार को हुई पूर्व ग्राम प्रधान पवन कुमार यादव की हत्या के मामले में पुलिस ने बुधवार को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने यह जानकारी दी। डीसीपी (गंगा नगर) कुलदीप गुनावत ने बताया कि मंगलवार शाम पवन कुमार यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जिसके बाद हंडिया थाने में अशोक कुमार यादव की तहरीर पर तीन अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।

उन्होंने बताया कि पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर विनोद कुमार यादव और बृजेश कुमार यादव को बुधवार दोपहर में हंडिया थानाक्षेत्र में सराय कस्तूरी बाग के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक अभियुक्त विनोद कुमार यादव ने पूछताछ करने पर बताया कि उसने चुनावी रंजिश के चलते पवन कुमार यादव की हत्या कराई है। इस घटना को जितेंद्र उर्फ लल्ला यादव और निहाल अहमद ने अंजाम दिया।

डीसीसी ने बताया कि विनोद कुमार द्वारा दी गई सूचना पर पुलिस टीम जसवा क्षेत्र में नहर रोड स्थित एक बाग के पास पहुंची जहां पुलिस टीम को देखकर दो संदिग्ध व्यक्ति मोटरसाइकिल से भागने लगे। उन्होंने कहा कि पुलिस टीम ने उनका पीछा किया तो उन लोगों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। डीसीपी के मुताबिक पुलिस की जवाबी गोलीबारी में दोनों व्यक्तियों के पैर में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

इनकी पहचान जितेंद्र उर्फ लल्ला यादव और निहाल अहमद के रूप में हुई। गुणावत ने कहा कि पुलिस टीम ने जितेंद्र के कब्जे से एक तमंचा, एक खोखा कारतूस और निहाल के कब्जे से एक तमंचा और एक कारतूस बरामद की। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ करने पर यह तथ्य प्रकाश में आया कि विनोद कुमार यादव और पवन कुमार यादव एक ही राजनैतिक दल के सदस्य थे जिनके बीच पंचायत चुनाव को लेकर रंजिश थी।

पुलिस के मुताबिक विनोद कुमार यादव ने अपनी पत्नी को गांव में ही संविदा पर नौकरी पर रखवाया था जिसे पवन कुमार ने नौकरी से हटवा दिया था। इन्ही बातों को लेकर विनोद कुमार यादव की पवन कुमार यादव से दुश्मनी हो गयी थी। पुलिस के अनुसार पूछताछ से पता चला कि विनोद ने जितेन्द्र को 25,000 रुपये दिये थे।

इस रकम से तमंचा और कारतूस खरीदा गया था। जितेन्द्र ने घटना को अंजाम देने के लिए अपने साथी बृजेश यादव और निहाल अहमद से संपर्क किया था।

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