जालंधर में श्री कष्ट निवारण बालाजी मंदिर द्वारा आयोजित धार्मिक समागम को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने आम आदमी पार्टी सरकार पर सत्ता के दुरुपयोग और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का सीधा आरोप लगाया है। भाजपा नेताओं का दावा है कि प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल के कार्यक्रम को रोकने के लिए प्रशासन ने न केवल पुलिस बल का प्रयोग किया, बल्कि हनुमान जी (बालाजी) की तस्वीरों वाले होर्डिंग्स और पोस्टरों को भी पैरों से कुचलकर उतारा गया। भाजपा ने इसे ‘सनातन का अपमान’ करार देते हुए दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है और 2027 के चुनावों में इसका जवाब देने की चेतावनी दी है।
जालंधर में एक प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा नेताओं ने ‘आम आदमी पार्टी’ की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए। मामला 14 तारीख को होने वाले उस धार्मिक समागम से जुड़ा है, जिसमें मशहूर भजन गायक कन्हैया मित्तल ने शिरकत करनी थी। भाजपा नेताओं का आरोप है कि ‘आप’ सरकार के कुछ स्थानीय नेताओं के इशारे पर इस कार्यक्रम को ‘तारपीडो’ यानी विफल करने की कोशिश की गई। उनका कहना है कि यह किसी व्यक्ति विशेष का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे सनातन समाज की आस्था का प्रतीक था।
भारी पुलिस बल ने आयोजन स्थल पर धावा बोला भाजपा नेताओं ने कुछ वीडियो साक्ष्य पेश करते हुए दावा किया कि कार्यक्रम से पहले वाली रात को भारी पुलिस बल ने आयोजन स्थल पर धावा बोला। आरोप है कि पुलिस ने वहां काम कर रहे लेबर क्लास के लोगों को डराया-धमकाया, लाइटें और जनरेटर बंद करवा दिए और गेट पर ताले लगा दिए। भाजपा का कहना है कि पुलिस केवल सरकार की ‘कठपुतली’ बनकर काम कर रही है और बिना किसी ठोस कारण के धार्मिक आयोजन में बाधा डाली गई।
सबसे गंभीर आरोप बालाजी (हनुमान जी) के होर्डिंग्स को लेकर लगाया गया है। भाजपा नेताओं ने कहा कि नगर निगम की टीम ने पूरे शहर में लगे पोस्टरों को जिस बेरहमी से उतारा, वह निंदनीय है। वीडियो का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि कर्मचारियों ने जूतों और पैरों के साथ भगवान की फोटो वाले होर्डिंग्स को फाड़ा और उन्हें कचरे की तरह इकट्ठा किया। भाजपा ने इसे सीधे तौर पर ‘बेअदबी’ का मामला बताते हुए पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर तुरंत मामला दर्ज किया जाए।
पंजाब की जनता भी इस अपमान का बदला लेगी धार्मिक संदर्भ देते हुए भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि जिस तरह रावण के अहंकार को हनुमान जी ने लंका जलाकर चूर किया था, उसी तरह पंजाब की जनता भी इस अपमान का बदला लेगी। उन्होंने कहा कि पहले भी जिस राजनीतिक दल ने प्रभु श्री राम और उनके भक्तों से ‘पंगा’ लिया है, आज उसका वजूद देश से खत्म होने की कगार पर है। पंजाब के राम भक्तों ने अब प्रण लिया है कि साल 2027 के विधानसभा चुनावों में इस अहंकारी सरकार को सत्ता से बाहर कर सच्चे सनातनी शासन की स्थापना की जाएगी। भजपा ने मंदिर प्रबंधक कमेटियों और धार्मिक संस्थाओं से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी निजी हित के लिए नहीं, बल्कि सनातनी मूल्यों की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं। भाजपा नेताओं ने कहा कि अगर जल्द ही दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपने अगले कड़े कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।


