प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को तमिल और संस्कृति की प्रशंसा की, तिरुक्कुरल का उल्लेख किया और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के साथ मिलकर तमिलनाडु की प्रगति को गति देने का संकल्प लिया। वहीं, विजय ने लोगों के फायदे के लिए केंद्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने पर जोर दिया। अप्रैल में हुए विधानसभा चुनावों के बाद, प्रधानमंत्री का तमिलनाडु का यह पहला दौरा था।
इस दौरान, प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री विजय के बीच का बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। मोदी ने दो बार यह सुनिश्चित किया कि दोनों नेता संयुक्त रूप से परियोजनाओं का उद्घाटन करें। विजय ने यहां पहुंचने पर प्रधानमंत्री की अगवानी की और दिल्ली लौटते समय उन्हें विदा भी किया।
राज्य के अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान, मोदी ने लगभग 13,000 करोड़ रुपये की लागत वाली कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय के साथ मेट्रो ट्रेन में सफर भी किया। कार्यक्रम में अपने आधिकारिक संबोधन में, मुख्यमंत्री विजय ने मद्रास उच्च न्यायालय की मुख्य तमिल को बनाने के लिए कदम उठाने और समग्र शिक्षा अभियान योजना के तहत 5,110 करोड़ रुपये की बकाया केंद्रीय धनराशि को बिना किसी शर्त के जारी करने का अनुरोध किया।
दो विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव में जीत हासिल करने के बाद, सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के संस्थापक एवं प्रमुख विजय ने कहा, ‘‘जब केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम करती है, तो उसका फायदा सीधे लोगों के जीवन में दिखना चाहिए, और यही हमारा उद्देश्य है।’’
मुख्यमंत्री का केंद्र के साथ सहयोग करने की अपनी सरकार की नीति को रेखांकित करना, पिछली द्रमुक सरकार के केंद्र और राजभवन के साथ नीट समेत कई मुद्दों पर रहे तनावपूर्ण संबंधों की पृष्ठभूमि में हुआ है। विजय ने चेन्नई मेट्रो परियोजना के तीसरे चरण (जो लगभग 65 किलोमीटर तक होगा) के लिए जल्द मंज़ूरी देने का अनुरोध किया, ताकि कनेक्टिविटी और बेहतर हो सके। साथ ही, उन्होंने कोयंबटूर और मदुरै में मेट्रो रेल के प्रस्ताव और तमिलनाडु के होसुर से कर्नाटक में बेंगलुरु के पास बोम्मासंद्रा तक एक अंतर-राज्यीय मेट्रो रेल लाइन के प्रस्ताव पर फिर से विचार करने की भी मांग की।
उन्होंने चेन्नई से कन्याकुमारी और चेन्नई से कोयंबटूर तक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का भी आग्रह किया। नयी मेट्रो ट्रेन को हरी झंडी दिखाते और परियोजनाओं का उद्घाटन करते समय प्रधानमंत्री ने यह सुनिश्चित किया कि विजय उनके साथ ही मौजूद रहें। हालांकि, सरकारी कार्यक्रमों के दौरान उनकी बातचीत कम ही हुई, लेकिन जब वह मुख्यमंत्री मोदी के साथ मंदिर गए, तो उनके बीच अच्छा तालमेल साफ दिखा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘कुछ दिन पहले, लोगों के आशीर्वाद से मैंने शासन प्रमुख के तौर पर जनसेवा के 25 साल पूरे किए – यह एक अहम पड़ाव है। अक्टूबर 2001 में मैंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। तब से, लोगों ने मुझे उनकी सेवा करने का मौका दिया – पहले मुख्यमंत्री के तौर पर और बाद में प्रधानमंत्री के तौर पर।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस दौरान हमारे लोकतंत्र की दो बड़ी ताकतों पर मेरा विश्वास और भी मजबूत हुआ है।
पहली, देश की जनता और दूसरी, सहकारी संघवाद।’’
तमिलनाडु का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि जब वह (गुजरात के) मुख्यमंत्री थे, उस समय (तमिलनाडु का नेतृत्व कर रहे) एम. करुणानिधि और जे. जयललिता से उन्होंने मुलाकात की थी। और, प्रधानमंत्री बनने के बाद, उन्हें पूर्व मुख्यमंत्रियों – ओ. पनीरसेल्वम, एडप्पादी के. पलानीस्वामी और एम. के. स्टालिन के साथ काम करने का अवसर मिला। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘सरकारें बदल सकती हैं, लेकिन तमिलनाडु के विकास और राज्य के लोगों की सेवा करने का मेरा संकल्प दृढ़ है।
लोगों की सेवा करने के इसी संकल्प के साथ, मुख्यमंत्री विजय के साथ मिलकर हम राज्य के विकास को आगे बढ़ा रहे हैं।’’
टीवीके के संस्थापक विजय ने तमिलनाडु में अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव जीतकर पार्टी की पहली सरकार बनाई। बाद में, प्रधानमंत्री मोदी ने यहां जयगोपाल गारोडिया हिंदू विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए युवाओं के सशक्तीकरण, राष्ट्रीय एकता और तमिल विरासत के शाश्वत ज्ञान पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक समुदाय नए और अभिनव समाधान तलाशने में जुटा है।
मोदी ने छात्रों से कहा कि उनमें इन समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता है। मोदी ने तमिल और संस्कृति की सराहना की तथा प्राचीन तमिल ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ को जीवन जीने का एक महान मार्गदर्शक ग्रंथ बताया। मोदी ने उस अविस्मरणीय अवसर को याद किया, जब उन्हें इस महान कृति को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भेंट करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हाल में, मैंने पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी संस्करण भेंट किया था। तिरुक्कुरल उन लोगों के लिए एक अनूठा मार्गदर्शक है, जो जीवनभर सीखते रहना चाहते हैं। तिरुवल्लुवर अपने एक प्रसिद्ध कुरल के माध्यम से हमें सिखाते हैं कि केवल कुछ नया सीखना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस सीख को अपने जीवन में व्यवहार में लाना भी आवश्यक है।
यह सभी विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सीख है।’’
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि साथ ही, वैश्विक स्तर पर भारतीय शैक्षणिक संस्थानों की स्थिति भी मजबूत हो रही है। मोदी ने कहा, ‘‘मेरी यात्राओं ने मुझे देश की विविधता को और करीब से समझने के अवसर दिए हैं।
इन्हीं अनुभवों के माध्यम से तमिल और संस्कृति के प्रति मेरा प्रेम और बढ़ा है। इसलिए मैं आपको भारत को जानने और समझने के लिए प्रोत्साहित करता हूं। आप जहां भी जाएं, तमिल संस्कृति को अपने साथ लेकर जाएं।
अपने मित्रों के साथ तमिल कविता, कहानियां और परंपराएं साझा करें।’’
प्रधानमंत्री ने आईआईटी-मद्रास परिसर और वहां के ‘ब्रेन रिसर्च सेंटर’ का दौरा किया और परिसर में स्थित एक मंदिर में पूजा-अर्चना की। प्रधानमंत्री ने चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण के पूनामल्ली-वडापलानी खंड का उद्घाटन किया, जिसे लगभग 4,900 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है।

