पिंक बस को मिली राष्ट्रीय पहचान, मिलेगा स्कॉच अवार्ड:दिल्ली में 20 जून को सम्मान, मूल्यांकन में बिहार मॉडल का बेहतर प्रदर्शन

पिंक बस को मिली राष्ट्रीय पहचान, मिलेगा स्कॉच अवार्ड:दिल्ली में 20 जून को सम्मान, मूल्यांकन में बिहार मॉडल का बेहतर प्रदर्शन

बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) की ओर से चलाई जा रही पिंक बस सेवा का चयन प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड-2026 के लिए किया गया है। यह सम्मान महिलाओं के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए बिहार सरकार के प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता माना जा रहा है। स्कॉच ग्रुप की ओर से आयोजित बहुस्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद पिंक बस परियोजना को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह सम्मान 20 जून को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 108वें स्कॉच समिट के दौरान दिया जाएगा। महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को केंद्र में रखकर शुरू हुई थी सेवा पिंक बस सेवा की शुरुआत महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। आज यह सेवा बिहार के कई प्रमुख शहरों में महिलाओं के लिए भरोसेमंद परिवहन माध्यम बन चुकी है। वर्तमान में पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया, भागलपुर और पूर्णिया में कुल 100 पिंक बसें चलाई जा रही हैं। इन बसों का इस्तेमाल रोज बड़ी संख्या में छात्राएं, कामकाजी महिलाएं, सरकारी और निजी क्षेत्र की कर्मचारी और अन्य महिला यात्री कर रही हैं। महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस सेवा में विशेष प्रबंध किए गए हैं, जिससे उन्हें सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षित माहौल उपलब्ध हो सके। यही वजह है कि कम समय में पिंक बस सेवा ने महिला यात्रियों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है।
देश के प्रतिष्ठित सम्मानों में शामिल है स्कॉच अवार्ड स्कॉच अवार्ड देश के सबसे प्रतिष्ठित स्वतंत्र सम्मानों में गिना जाता है। यह पुरस्कार सुशासन, नवाचार, जनसेवा, सामाजिक विकास और नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरकारी संस्थानों, सार्वजनिक उपक्रमों और संगठनों को दिया जाता है। बिहार के लिए गर्व और सम्मान की बात है परिवहन सचिव राज कुमार ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पिंक बस सेवा का स्कॉच अवार्ड-2026 के लिए चयन बिहार के लिए गर्व और सम्मान की बात है। यह पुरस्कार महिलाओं की सुरक्षा, सुविधा और सशक्तिकरण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बिहार में जनहित और महिला हितैषी परिवहन सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। पिंक बस सेवा को मिला यह सम्मान परिवहन विभाग और बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की पूरी टीम के समर्पण और मेहनत का परिणाम है। आने वाले समय में भी नागरिकों को सुरक्षित, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विभाग निरंतर प्रयास करता रहेगा।
राष्ट्रीय मंच पर चमकेगा बिहार का मॉडल यह सम्मान केवल परिवहन विभाग की उपलब्धि नहीं, बल्कि बिहार में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर किए जा रहे प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति भी है। 20 जून को नई दिल्ली में होने वाले स्कॉच समिट में जब बिहार की इस परियोजना को सम्मानित किया जाएगा, तब यह राज्य के लिए गौरव का एक और महत्वपूर्ण अवसर होगा। महिलाओं की सुरक्षित यात्रा को लेकर शुरू की गई यह पहल अब देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) की ओर से चलाई जा रही पिंक बस सेवा का चयन प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड-2026 के लिए किया गया है। यह सम्मान महिलाओं के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए बिहार सरकार के प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता माना जा रहा है। स्कॉच ग्रुप की ओर से आयोजित बहुस्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद पिंक बस परियोजना को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह सम्मान 20 जून को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 108वें स्कॉच समिट के दौरान दिया जाएगा। महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को केंद्र में रखकर शुरू हुई थी सेवा पिंक बस सेवा की शुरुआत महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। आज यह सेवा बिहार के कई प्रमुख शहरों में महिलाओं के लिए भरोसेमंद परिवहन माध्यम बन चुकी है। वर्तमान में पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया, भागलपुर और पूर्णिया में कुल 100 पिंक बसें चलाई जा रही हैं। इन बसों का इस्तेमाल रोज बड़ी संख्या में छात्राएं, कामकाजी महिलाएं, सरकारी और निजी क्षेत्र की कर्मचारी और अन्य महिला यात्री कर रही हैं। महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस सेवा में विशेष प्रबंध किए गए हैं, जिससे उन्हें सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षित माहौल उपलब्ध हो सके। यही वजह है कि कम समय में पिंक बस सेवा ने महिला यात्रियों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है।
देश के प्रतिष्ठित सम्मानों में शामिल है स्कॉच अवार्ड स्कॉच अवार्ड देश के सबसे प्रतिष्ठित स्वतंत्र सम्मानों में गिना जाता है। यह पुरस्कार सुशासन, नवाचार, जनसेवा, सामाजिक विकास और नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरकारी संस्थानों, सार्वजनिक उपक्रमों और संगठनों को दिया जाता है। बिहार के लिए गर्व और सम्मान की बात है परिवहन सचिव राज कुमार ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पिंक बस सेवा का स्कॉच अवार्ड-2026 के लिए चयन बिहार के लिए गर्व और सम्मान की बात है। यह पुरस्कार महिलाओं की सुरक्षा, सुविधा और सशक्तिकरण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बिहार में जनहित और महिला हितैषी परिवहन सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। पिंक बस सेवा को मिला यह सम्मान परिवहन विभाग और बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की पूरी टीम के समर्पण और मेहनत का परिणाम है। आने वाले समय में भी नागरिकों को सुरक्षित, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विभाग निरंतर प्रयास करता रहेगा।
राष्ट्रीय मंच पर चमकेगा बिहार का मॉडल यह सम्मान केवल परिवहन विभाग की उपलब्धि नहीं, बल्कि बिहार में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर किए जा रहे प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति भी है। 20 जून को नई दिल्ली में होने वाले स्कॉच समिट में जब बिहार की इस परियोजना को सम्मानित किया जाएगा, तब यह राज्य के लिए गौरव का एक और महत्वपूर्ण अवसर होगा। महिलाओं की सुरक्षित यात्रा को लेकर शुरू की गई यह पहल अब देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।  

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