बक्सर जिले के डुमरांव विधानसभा क्षेत्र में लगातार लग रहे जाम की समस्या पर भाकपा माले के पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा कि डुमरांव शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और जिम्मेदार अधिकारी अपनी भूमिका से पीछे हट रहे हैं। अजीत कुशवाहा ने अपने बयान में आरोप लगाया कि बिहार में सरकार जैसी कोई चीज नहीं रह गई है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री के इस्तीफे के बाद जनप्रतिनिधि पटना और दिल्ली में एनडीए के बड़े नेताओं की सेवा में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि कोई मंत्री बनने की कोशिश में है तो कोई मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल है, लेकिन किसी को भी अपने क्षेत्र की समस्याओं की चिंता नहीं है। स्थिति को शहर के “फेफड़े के जाम” होने जैसा बताया पूर्व विधायक ने डुमरांव शहर की स्थिति का जिक्र करते हुए बताया कि जाम की समस्या अब एक आम बात हो गई है। लगभग हर दिन सुबह नौ बजे तक पूरा शहर भारी वाहनों और ट्रकों के कारण जाम की चपेट में रहता है। उन्होंने इस स्थिति को शहर के “फेफड़े के जाम” होने जैसा बताया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस जाम के कारण कर्मचारी समय पर अपने दफ्तर नहीं पहुंच पा रहे हैं, और स्कूली बच्चों को भी काफी कठिनाई हो रही है। कुशवाहा ने आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही और ट्रैफिक नियंत्रण की कमी के कारण यह समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। स्थानीय स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं की जा रही उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है, जिससे आम जनता को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अजीत कुशवाहा ने डुमरांव के नागरिकों से अपील की कि वे इस समस्या के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाएं। उन्होंने कहा कि जब तक आम लोग आगे नहीं आएंगे, तब तक इस समस्या का समाधान संभव नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे और उनकी पार्टी इस मुद्दे पर जनता के साथ खड़े रहेंगे और हर संभव सहयोग करेंगे। इस पूरे मामले ने एक बार फिर डुमरांव की ट्रैफिक व्यवस्था और प्रशासनिक सक्रियता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बक्सर जिले के डुमरांव विधानसभा क्षेत्र में लगातार लग रहे जाम की समस्या पर भाकपा माले के पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा कि डुमरांव शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और जिम्मेदार अधिकारी अपनी भूमिका से पीछे हट रहे हैं। अजीत कुशवाहा ने अपने बयान में आरोप लगाया कि बिहार में सरकार जैसी कोई चीज नहीं रह गई है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री के इस्तीफे के बाद जनप्रतिनिधि पटना और दिल्ली में एनडीए के बड़े नेताओं की सेवा में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि कोई मंत्री बनने की कोशिश में है तो कोई मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल है, लेकिन किसी को भी अपने क्षेत्र की समस्याओं की चिंता नहीं है। स्थिति को शहर के “फेफड़े के जाम” होने जैसा बताया पूर्व विधायक ने डुमरांव शहर की स्थिति का जिक्र करते हुए बताया कि जाम की समस्या अब एक आम बात हो गई है। लगभग हर दिन सुबह नौ बजे तक पूरा शहर भारी वाहनों और ट्रकों के कारण जाम की चपेट में रहता है। उन्होंने इस स्थिति को शहर के “फेफड़े के जाम” होने जैसा बताया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस जाम के कारण कर्मचारी समय पर अपने दफ्तर नहीं पहुंच पा रहे हैं, और स्कूली बच्चों को भी काफी कठिनाई हो रही है। कुशवाहा ने आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही और ट्रैफिक नियंत्रण की कमी के कारण यह समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। स्थानीय स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं की जा रही उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है, जिससे आम जनता को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अजीत कुशवाहा ने डुमरांव के नागरिकों से अपील की कि वे इस समस्या के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाएं। उन्होंने कहा कि जब तक आम लोग आगे नहीं आएंगे, तब तक इस समस्या का समाधान संभव नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे और उनकी पार्टी इस मुद्दे पर जनता के साथ खड़े रहेंगे और हर संभव सहयोग करेंगे। इस पूरे मामले ने एक बार फिर डुमरांव की ट्रैफिक व्यवस्था और प्रशासनिक सक्रियता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


