पटना नगर निगम जल्द ही अपना डिजिटल ऐप लॉन्च करने जा रहा है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को नगर निगम के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और कई सुविधाएं एक क्लिक पर उपलब्ध होंगी। ऐप को संचालित करने के लिए निगम ने बिहार सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग से वर्चुअल प्राइवेट सर्वर (VPS) उपलब्ध कराने की मांग की है। इस ऐप के शुरू होने के बाद नागरिक घर बैठे वार्ड पार्षद और निगम अधिकारियों का नंबर प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही अपनी समस्याओं की शिकायत दर्ज कर उसके समाधान की जानकारी भी ऑनलाइन ले सकेंगे। ‘गेट माय वार्ड’ फीचर से मिलेगी पूरी जानकारी इस ऐप में जियोस्पेशियल तकनीक का इस्तेमाल कर “गेट माय वार्ड” फीचर भी होगा। इसके माध्यम से नागरिक अपने वार्ड की पहचान कर संबंधित अधिकारियों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। ऐप के माध्यम से शहर की सभी महत्वपूर्ण संपत्तियों और सेवाओं का डिजिटल नक्शा तैयार होगा। वहीं, “PMC डिजिटल एसेट्स” प्लेटफॉर्म के जरिए नगर निगम की सभी अचल संपत्तियों की जानकारी इंटरएक्टिव मैप पर उपलब्ध होगी। सड़क, नाला, पार्क से लेकर श्मशान घाट तक का डिजिटल रिकॉर्ड नगर निगम की यह पहल “डिजिटल पटना” के विज़न को साकार करने की दिशा में एक कदम है। इस ऐप की मदद से लोग शहर की सड़कों, नालों, पाइपलाइन, पार्क, शौचालय, श्मशान घाट, पार्किंग और अन्य संपत्तियों का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड देख सकेंगे। इसके साथ ही नागरिक किसी भी वार्ड में नजदीकी शौचालय, पार्किंग, निगम कार्यालय, श्मशान घाट, आदि की जानकारी प्राप्त कर सकता है। फोन, वेबसाइट और व्हाट्सएप शिकायतें एक प्लेटफॉर्म पर नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए “मे आइ हेल्प यू डेस्क” के रूप में मल्टी-चैनल हेल्प डेस्क स्थापित किया जाएगा, जहां एक ही स्थान पर विभिन्न सेवाओं की जानकारी और सहायता उपलब्ध होगी। इसके अतिरिक्त “कॉम्बैट सेल” के माध्यम से फोन, वेबसाइट, सोशल मीडिया और व्हाट्सएप से प्राप्त शिकायतों को एक जगह जोड़ा जाएगा, जिससे शिकायतों के जल्दी समाधान और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। ऑनलाइन भरे जा सकेंगे प्रॉपर्टी टैक्स इसके साथ ही प्रॉपर्टी टैक्स भरने के लिए भी नया पोर्टल बनेगा, जहां आप खुद अपनी प्रॉपर्टी का आंकलन कर घर बैठे ऑनलाइन भुगतान कर सकेंगे और रसीद पा सकेंगे। GPS से होगी नालों और मैनहोल की निगरानी रोड और ड्रेनेज मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से निगम अब नालों और मैनहोल की निगरानी भी डिजिटल तरीके से करेगा। मानसून के दौरान जलजमाव न हो, इसके लिए हर मैनहोल की मरम्मत और उसकी स्थिति पर GPS के जरिए नजर रखी जाएगी। पटना नगर निगम जल्द ही अपना डिजिटल ऐप लॉन्च करने जा रहा है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को नगर निगम के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और कई सुविधाएं एक क्लिक पर उपलब्ध होंगी। ऐप को संचालित करने के लिए निगम ने बिहार सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग से वर्चुअल प्राइवेट सर्वर (VPS) उपलब्ध कराने की मांग की है। इस ऐप के शुरू होने के बाद नागरिक घर बैठे वार्ड पार्षद और निगम अधिकारियों का नंबर प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही अपनी समस्याओं की शिकायत दर्ज कर उसके समाधान की जानकारी भी ऑनलाइन ले सकेंगे। ‘गेट माय वार्ड’ फीचर से मिलेगी पूरी जानकारी इस ऐप में जियोस्पेशियल तकनीक का इस्तेमाल कर “गेट माय वार्ड” फीचर भी होगा। इसके माध्यम से नागरिक अपने वार्ड की पहचान कर संबंधित अधिकारियों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। ऐप के माध्यम से शहर की सभी महत्वपूर्ण संपत्तियों और सेवाओं का डिजिटल नक्शा तैयार होगा। वहीं, “PMC डिजिटल एसेट्स” प्लेटफॉर्म के जरिए नगर निगम की सभी अचल संपत्तियों की जानकारी इंटरएक्टिव मैप पर उपलब्ध होगी। सड़क, नाला, पार्क से लेकर श्मशान घाट तक का डिजिटल रिकॉर्ड नगर निगम की यह पहल “डिजिटल पटना” के विज़न को साकार करने की दिशा में एक कदम है। इस ऐप की मदद से लोग शहर की सड़कों, नालों, पाइपलाइन, पार्क, शौचालय, श्मशान घाट, पार्किंग और अन्य संपत्तियों का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड देख सकेंगे। इसके साथ ही नागरिक किसी भी वार्ड में नजदीकी शौचालय, पार्किंग, निगम कार्यालय, श्मशान घाट, आदि की जानकारी प्राप्त कर सकता है। फोन, वेबसाइट और व्हाट्सएप शिकायतें एक प्लेटफॉर्म पर नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए “मे आइ हेल्प यू डेस्क” के रूप में मल्टी-चैनल हेल्प डेस्क स्थापित किया जाएगा, जहां एक ही स्थान पर विभिन्न सेवाओं की जानकारी और सहायता उपलब्ध होगी। इसके अतिरिक्त “कॉम्बैट सेल” के माध्यम से फोन, वेबसाइट, सोशल मीडिया और व्हाट्सएप से प्राप्त शिकायतों को एक जगह जोड़ा जाएगा, जिससे शिकायतों के जल्दी समाधान और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। ऑनलाइन भरे जा सकेंगे प्रॉपर्टी टैक्स इसके साथ ही प्रॉपर्टी टैक्स भरने के लिए भी नया पोर्टल बनेगा, जहां आप खुद अपनी प्रॉपर्टी का आंकलन कर घर बैठे ऑनलाइन भुगतान कर सकेंगे और रसीद पा सकेंगे। GPS से होगी नालों और मैनहोल की निगरानी रोड और ड्रेनेज मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से निगम अब नालों और मैनहोल की निगरानी भी डिजिटल तरीके से करेगा। मानसून के दौरान जलजमाव न हो, इसके लिए हर मैनहोल की मरम्मत और उसकी स्थिति पर GPS के जरिए नजर रखी जाएगी।


