Pali Election : पाली नगर निगम महापौर चुनाव में कांग्रेस की करारी शिकस्त के बाद पार्टी में शुरू हुई खींचतान अब जयपुर तक पहुंच गई है। महापौर पद पर भाजपा के कब्जे और कांग्रेस की आधिकारिक प्रत्याशी सुमित्रा जैन को महज तीन वोट मिलने के बाद उठे सवालों के बीच शुक्रवार को पार्टी के दो गुट प्रदेश स्तरीय जांच कमेटी के सामने पहुंचे। कांग्रेस पदाधिकारियों ने चुनाव के घटनाक्रम की तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश की, वहीं कांग्रेस से बगावत कर महापौर का चुनाव लड़ने वाली राजबाला हिंगड़ के साथ 29 पार्षदों ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ताओं में निर्दलीय पार्षद भी शामिल बताए गए हैं। ऐसे में पाली कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई अब प्रदेश नेतृत्व के सामने खुलकर आ गई है।
पाली नगर निकाय चुनाव में भितरघात, क्रॉस वोटिंग और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों की जांच के लिए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी की अध्यक्षता में प्रदेश स्तरीय कमेटी गठित की गई है। प्रदेशभर में करीब 346 पार्षदों और पदाधिकारियों की भूमिका की जांच के क्रम में पाली के नेताओं और राजबाला हिंगड़ को भी बुलाया गया था। शुक्रवार को दोनों पक्षों ने अपना-अपना पक्ष रखा।
पदाधिकारियों ने रखा घटनाक्रम, हिंगड़ गुट ने उठाए सवाल
कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिशुपालसिंह निम्बाड़ा, पार्षद सुमित्रा जैन और चुनाव पर्यवेक्षक रहे हेमसिंह शेखावत ने कमेटी के समक्ष चुनाव के दौरान हुए घटनाक्रम और संबंधित परिस्थितियों की जानकारी देते हुए तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश की। दूसरी ओर, राजबाला हिंगड़, उप महापौर मेहबूब और उनके साथ पहुंचे पार्षदों ने पार्टी के पदाधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए। हिंगड़ गुट ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियां हुईं और इससे कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ा।
सदस्यों ने सुनी शिकायत
राजबाला हिंगड़ गुट के पार्षद कमेटी अध्यक्ष सीपी जोशी से मिलकर शिकायत दर्ज कराना चाहते थे। इसके बाद कमेटी सदस्य रामसिंह और शकुंतला ने पार्षद राकेश भाटी, हकीम भाई, प्रदीप हिंगड़ और मेहबूब टी सहित प्रतिनिधियों की बात सुनी। इसी दौरान सुनवाई स्थल से बाहर आए सीपी जोशी के सामने हिंगड़ गुट के पार्षदों और उनके प्रतिनिधियों ने क्रॉस वोटिंग तथा चुनाव में कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए। इस पर जोशी ने उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष से मिलने की बात कही।
29 सीटें जीतकर भी महापौर की कुर्सी से दूर रही कांग्रेस
पाली नगर निगम के 65 वार्डों में कांग्रेस ने 29 और भाजपा ने 21 सीटें जीती थीं। शेष 15 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी विजयी हुए। संख्या बल के लिहाज से कांग्रेस महापौर पद की दौड़ में मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही थी, लेकिन चुनाव में पार्टी की अंदरूनी खींचतान निर्णायक साबित हुई। महापौर चुनाव में भाजपा प्रत्याशी नमिता बुबकिया को 33 वोट मिले और उन्होंने जीत दर्ज की। कांग्रेस की आधिकारिक प्रत्याशी सुमित्रा जैन को महज तीन वोट मिले, जबकि बागी राजबाला हिंगड़ को 29 वोट मिले थे।

