राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) ने 22 अप्रैल, बुधवार को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में महागठबंधन सरकार के खिलाफ ‘धिक्कार मार्च’ का आयोजन किया। यह मार्च संसद भवन में महिला आरक्षण और परिसीमन सुधार के विरोध में महागठबंधन दलों द्वारा किए गए मतदान के खिलाफ राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के आह्वान पर निकाला गया था। इसी क्रम में कटिहार जिले में भी जिला संयोजक उमाकांत आनंद के नेतृत्व में नगर भवन से शहीद चौक तक आक्रोश मार्च निकाला गया। इस दौरान महागठबंधन विरोधी नारे लगाए गए, जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। जिला संयोजक उमाकांत आनंद ने आरोप लगाया कि महागठबंधन सरकार महिला विरोधी है और वह संसद या विधानसभा में आम महिलाओं की भागीदारी नहीं चाहती। उन्होंने कहा कि इसी कारण महागठबंधन ने महिला आरक्षण विधेयक का विरोध किया, जिसका राष्ट्रीय लोक मोर्चा कड़ा विरोध करता है। आनंद ने आगे कहा कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा, माननीय उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में लगातार परिसीमन सुधार और संवैधानिक अधिकारों के लिए कार्यक्रम करता रहा है, ताकि बिहार और उत्तरी भारत का विकास हो सके। उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन सरकार ने इसका भी विरोध किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार महिला विरोधी और विकास विरोधी है। इस कार्यक्रम को महिला जिला अध्यक्ष पुतुल देवी और युवा नेता अंकित सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह, प्रदेश सचिव पिंकू कुमार, जिला महासचिव दयानंद कुशवाहा, सुबोध कुशवाहा, व्यावसायिक जिला अध्यक्ष शंकर गुप्ता, छात्र नेता अमन कुमार, सद्दाम, मनसाही प्रखंड अध्यक्ष संजय सिंह, हसनगंज प्रखंड अध्यक्ष विमल साह, रेखा देवी, प्रसन्नजीत, राणा सिंह, राजू पांडे, विकास कुमार, सुजीत गुप्ता, पवन सिंह, उदय सिंह, संतोष मेहता सहित कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) ने 22 अप्रैल, बुधवार को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में महागठबंधन सरकार के खिलाफ ‘धिक्कार मार्च’ का आयोजन किया। यह मार्च संसद भवन में महिला आरक्षण और परिसीमन सुधार के विरोध में महागठबंधन दलों द्वारा किए गए मतदान के खिलाफ राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के आह्वान पर निकाला गया था। इसी क्रम में कटिहार जिले में भी जिला संयोजक उमाकांत आनंद के नेतृत्व में नगर भवन से शहीद चौक तक आक्रोश मार्च निकाला गया। इस दौरान महागठबंधन विरोधी नारे लगाए गए, जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। जिला संयोजक उमाकांत आनंद ने आरोप लगाया कि महागठबंधन सरकार महिला विरोधी है और वह संसद या विधानसभा में आम महिलाओं की भागीदारी नहीं चाहती। उन्होंने कहा कि इसी कारण महागठबंधन ने महिला आरक्षण विधेयक का विरोध किया, जिसका राष्ट्रीय लोक मोर्चा कड़ा विरोध करता है। आनंद ने आगे कहा कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा, माननीय उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में लगातार परिसीमन सुधार और संवैधानिक अधिकारों के लिए कार्यक्रम करता रहा है, ताकि बिहार और उत्तरी भारत का विकास हो सके। उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन सरकार ने इसका भी विरोध किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार महिला विरोधी और विकास विरोधी है। इस कार्यक्रम को महिला जिला अध्यक्ष पुतुल देवी और युवा नेता अंकित सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह, प्रदेश सचिव पिंकू कुमार, जिला महासचिव दयानंद कुशवाहा, सुबोध कुशवाहा, व्यावसायिक जिला अध्यक्ष शंकर गुप्ता, छात्र नेता अमन कुमार, सद्दाम, मनसाही प्रखंड अध्यक्ष संजय सिंह, हसनगंज प्रखंड अध्यक्ष विमल साह, रेखा देवी, प्रसन्नजीत, राणा सिंह, राजू पांडे, विकास कुमार, सुजीत गुप्ता, पवन सिंह, उदय सिंह, संतोष मेहता सहित कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।


