ORS Use in Diabetes : डायबिटीज है तो क्या ओआरएस पीना सुरक्षित है? डॉक्टर से ऐसे 4 सवावों के जवाब जानिए

ORS Use in Diabetes : डायबिटीज है तो क्या ओआरएस पीना सुरक्षित है? डॉक्टर से ऐसे 4 सवावों के जवाब जानिए

ORS Use in Diabetes : डायबिटीज मरीज कुछ भी खाने-पीने से पहले ये जरूर तय करते हैं कि ये सुरक्षित होगा या नहीं। जैसे, ओआरएस या इलेक्ट्रॉल पाउडर के फायदे बहुत हैं। लेकिन क्या ये शुगर वाले मरीजों के लिए सही है? क्योंकि, इन हेल्दी पाउडर्स में भी शुगर (चीनी) की मात्रा होती है। डॉ. प्रियंका सहरावत ( न्यूरोलॉजिस्ट और जनरल फिजिशियन) से ओआरएस और डायबिटीज को लेकर निम्नलिखित सवालों के जवाब समझ सकते हैं-

FAQs : डायबिटीज और ओआरएस से जुड़े सवाल

  • क्या शुगर के मरीज ORS ले सकते हैं?
  • ओआरएस पाउडर शुगर फ्री?
  • क्या ors में बहुत ज्यादा शुगर होता है?
  • इलेक्ट्रॉल पाउडर में कितना शुगर होता है?

VIDEO : डायबिटीज के मरीज ले सकते हैं ORS

डॉ. सहरावत इंस्टाग्राम वीडियो में कहती हैं कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा सुझाए गए ORS (Oral Rehydration Salts) को डायबिटीज (मधुमेह) के मरीज सेवन कर सकते हैं। पर, कुछ बातों का ध्यान भी जरूर रखें।

क्यों जरूरी है ORS?

डायबिटीज के मरीजों में डिहायड्रेशन (Dehydration) का खतरा अधिक होता है। यदि मरीज को दस्त (Diarrhea) या उल्टी की समस्या है, तो शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से कम होते हैं। ऐसे में ORS जीवन रक्षक साबित हो सकता है।

क्या ग्लूकोज शुगर लेवल बढ़ाएगा?

WHO आधारित ORS के एक पैकेट (जो 1 लीटर पानी के लिए होता है) में लगभग 13.5 ग्राम ग्लूकोज होता है। इसलिए, बताए अनुसार मात्रा में ही घोल बनाएं और सेवन करें। इस हिसाब से यह मात्रा बहुत अधिक नहीं है, लेकिन शुगर लेवल को थोड़ा बढ़ा सकती है। ORS में ग्लूकोज इसलिए डाला जाता है ताकि वह छोटी आंत में सोडियम और पानी के अवशोषण (Absorption) में मदद कर सके। बिना ग्लूकोज के ORS का असर कम हो जाता है।

डायबिटीज मरीजों के लिए गाइडलाइंस (Guidelines)

क्या करें? क्या न करें?
शुगर लेवल की निगरानी: ORS लेने के दौरान हर 2-4 घंटे में ब्लड शुगर चेक करें। अत्यधिक सेवन से बचें: इसे केवल हाइड्रेशन के लिए लें, प्यास बुझाने के लिए सामान्य पानी की तरह न पिएं।
धीरे-धीरे पिएं: एक बार में पूरा गिलास पीने के बजाय घूंट-घूंट कर पिएं। स्पोर्ट्स ड्रिंक या जूस: इनमें शुगर की मात्रा बहुत अधिक होती है, इन्हें बिल्कुल न लें।
इंसुलिन/दवा का तालमेल: अगर शुगर बढ़ती है, तो डॉक्टर से दवा की डोज़ एडजस्ट करने पर बात करें। घर पर बना घोल: बिना माप के चीनी-नमक का घोल न बनाएं, यह खतरनाक हो सकता है।

मधुमेह के मरीज इन चीजों का भी करें सेवन

  • बिना चीनी वाला नमकीन छाछ।
  • नारियल पानी (सीमित मात्रा में)।
  • नींबू पानी (बिना चीनी या शहद के)।
  • चिकन या सब्जियों का शोरबा (Broth)।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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