US Iran War : अमेरिका और ईरान की जंग के बीच मध्य पूर्व (Middle East) से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है। ईरान ने एक बेहद सनसनीखेज और बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उसने 560 अमेरिकी सैनिकों को मार गिराया है। यह दावा ऐसे समय में किया गया है जब अमेरिका और इजरायल (Iran Israel conflict )की ओर से ईरान पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले (US soldiers killed) किए जा रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने ईरान को करारा जवाब देते हुए ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ (Operation Roaring Lion) लॉन्च कर दिया है, जिसके तहत ईरान के खुफिया विभाग के दो सबसे बड़े अधिकारियों को तेहरान में ही मौत के घाट उतार दिया गया है। इन हालात से विश्व युद्ध-3 का खतरा (World War 3 fears) पैदा हो गया है।
ईरान का दावा और अमेरिका की चुप्पी (Iran Israel conflict)
ईरान का दावा है कि उसने अमेरिकी ठिकानों और सेना पर भीषण पलटवार किया है, जिसमें 560 अमेरिकी सैनिकों की जान चली गई है। ईरान इसे अपनी संप्रभुता पर हुए हमलों का बदला बता रहा है। हालांकि, अमेरिका की तरफ से अभी तक इतनी बड़ी संख्या में सैनिकों के मारे जाने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह दावा मनोवैज्ञानिक युद्ध (Psychological Warfare) का हिस्सा भी हो सकता है, लेकिन अगर इसमें थोड़ी भी सच्चाई है, तो यह तीसरे विश्व युद्ध (World War 3) की सीधी शुरुआत है।
इजरायल का ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ (Operation Roaring Lion)
ईरान के इस आक्रामक रुख के बीच इजरायल ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इजरायली सेना ने ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ के तहत सीधे ईरान की राजधानी तेहरान में खुफिया मंत्रालय के मुख्यालय पर एयर स्ट्राइक की है। इस सटीक हमले में ईरान के खुफिया मंत्रालय के दो उपमंत्री स्तर के अधिकारी मारे गए हैं। मारे गए अफसरों में ‘इज़राइल मामलों’ के प्रभारी सैयद यह्या हमीदी और जासूसी प्रभाग के प्रमुख जलाल पूर हुसैन शामिल हैं। यह दोनों अधिकारी इजरायल और पश्चिमी देशों के खिलाफ साजिश रचने के मास्टरमाइंड माने जाते थे।
ईरान के अंदर घुस कर मारा
इजरायल के इस हमले ने साबित कर दिया है कि उसकी खुफिया एजेंसी मोसाद (Mossad) और सेना (IDF) की पहुंच सीधे ईरान के सत्ता के केंद्र तक है। तेहरान में मंत्रालय के मुख्यालय पर हमला करना ईरान के सुरक्षा तंत्र की एक बहुत बड़ी नाकामी मानी जा रही है। इजरायली सेना ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए की गई है और इसके आगे के चरण और भी विनाशकारी हो सकते हैं।
अब आगे क्या होगा ?
हालात बेकाबू हो चुके हैं। अमेरिका और इजरायल का साझा प्रहार और ईरान का 560 अमेरिकी सैनिकों को मारने का दावा—यह दोनों ही बातें दुनिया को एक बड़े विनाश की तरफ ले जा रही हैं। अगर ईरान का दावा सच साबित होता है, तो अमेरिका इसका ऐसा जवाब देगा जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। फिलहाल पूरी दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पेंटागन (Pentagon) इस दावे पर क्या प्रतिक्रिया देता है।
अमेरिका: व्हाइट हाउस और पेंटागन ने ईरान के दावे पर फिलहाल चुप्पी साधी हुई है, लेकिन अमेरिकी सेना को मध्य पूर्व में ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया है।
इजरायल: इजरायली सेना ने अपने ऑपरेशन को पूरी तरह सफल बताया है और साफ किया है कि ईरान के जो भी अधिकारी इजरायल के खिलाफ साजिश रचेंगे, उन्हें उनके घर में घुसकर मारा जाएगा।
ईरान: ईरानी सुप्रीम लीडर ने देश की जनता से युद्ध के लिए तैयार रहने को कहा है और इजरायल-अमेरिका को इसका अंजाम भुगतने की सीधी धमकी दी है।
इजरायली वायुसेना ने लेबनान और सीरिया बॉर्डर पर भी गश्त तेज कर दी
हमले के तुरंत बाद, इजरायली वायुसेना ने लेबनान और सीरिया बॉर्डर पर भी अपनी गश्त तेज कर दी है ताकि ईरान समर्थित गुटों (जैसे हिजबुल्लाह) के किसी भी जवाबी हमले को तुरंत रोका जा सके। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में अचानक भारी उछाल दर्ज किया गया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) इस अभूतपूर्व संकट पर आपातकालीन बैठक बुलाने पर विचार कर रही है।


