Om Prakash Mathur : राजस्थान के छोटे से गांव से राजभवन तक का सफर, जानिए कौन हैं केरलम के नए गवर्नर ओम प्रकाश माथुर?

Om Prakash Mathur : राजस्थान के छोटे से गांव से राजभवन तक का सफर, जानिए कौन हैं केरलम के नए गवर्नर ओम प्रकाश माथुर?

राजस्थान की धरा ने देश को कई ऐसे कद्दावर राजनेता और रणनीतिकार दिए हैं जिन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। इसी कड़ी में अब पाली जिले के रहने वाले भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता ओम प्रकाश माथुर का नाम और अधिक प्रमुखता के साथ जुड़ गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा देश के 6 राज्यों में किए गए राज्यपालों के ताजा फेरबदल के तहत ओम प्रकाश माथुर को केरलम यानी केरल का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। जुलाई 2024 में सिक्किम के राज्यपाल के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभालने के बाद अब अक्टूबर 2026 में उन्हें दक्षिण भारत के इस महत्वपूर्ण राज्य की कमान सौंपी गई है, जिससे पूरे राजस्थान विशेषकर पाली और मारवाड़ अंचल में जश्न का माहौल है।

ओम प्रकाश माथुर का जन्म 2 जनवरी 1952 को राजस्थान के पाली जिले की बाली तहसील में स्थित फालना के पास बेडल गांव में हुआ था। गांव की गलियों से शुरू हुआ उनका सफर राजस्थान विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति और फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक के रूप में आगे बढ़ा।

पूर्व उपराष्ट्रपति एवं राजस्थान के दिग्गज नेता स्वर्गीय भैरों सिंह शेखावत के मार्गदर्शन में राजनीति की बारीकियां सीखने वाले माथुर ने अपनी संगठनात्मक क्षमता के बल पर भारतीय जनता पार्टी में अपना एक मजबूत और स्वतंत्र वजूद कायम किया। राजस्थान बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रहने से लेकर राज्यसभा सांसद तक का सफर तय करने वाले ओपी माथुर का यह मुकाम राजस्थान के राजनीतिक इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

शिक्षा और आरएसएस प्रचारक के रूप में शुरुआती सफर

ओम प्रकाश माथुर ने अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए जयपुर का रुख किया था। उन्होंने राजधानी जयपुर स्थित प्रतिष्ठित राजस्थान विश्वविद्यालय से BA की डिग्री हासिल की। छात्र जीवन से ही वे सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में काफी सक्रिय रहते थे।

अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने खुद को पूर्ण रूप से समाज सेवा और संगठन के कार्यों के लिए समर्पित कर दिया। वे कई वर्षों तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्णकालिक प्रचारक रहे। संगठन के प्रति उनकी निष्ठा, जमीनी पकड़ और असाधारण रणनीतिक समझ को देखते हुए उन्हें बाद में भारतीय जनता पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

गुजरात के प्रभारी से लेकर राज्यसभा सांसद तक की भूमिकाएं

बीजेपी में शामिल होने के बाद ओम प्रकाश माथुर को संगठन में कई बड़े दायित्व मिले, जिन्हें उन्होंने सफलतापूर्वक निभाया:

गुजरात बीजेपी के मुख्य रणनीतिकार: संघ प्रचारक के रूप में कार्य करने के बाद जब वे बीजेपी में आए, तो उन्हें गुजरात बीजेपी का संगठन महामंत्री और प्रभारी बनाया गया। गुजरात में बीजेपी के संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने में उनकी भूमिका अहम मानी जाती है।

राजस्थान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष: ओपी माथुर राजस्थान भाजपा के प्रमुख स्तंभों में से एक रहे हैं। उन्होंने राजस्थान बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभाली और प्रदेश में कार्यकर्ताओं का एक विशाल नेटवर्क तैयार किया।

राजस्थान से राज्यसभा सांसद: संगठन में उनके दीर्घकालिक योगदान को देखते हुए बीजेपी ने उन्हें 2016 के द्विवार्षिक चुनावों में राजस्थान से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया। 11 जून 2016 को चुनाव जीतकर वे संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा पहुंचे, जहां उन्होंने राजस्थान से जुड़े कई महत्वपूर्ण विकास मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

सिक्किम से केरल तक का गवर्नर के रूप में प्रेरक सफर

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 27 जुलाई 2024 को ओम प्रकाश माथुर को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया था। सिक्किम के गवर्नर के रूप में उनका कार्यकाल काफी सक्रिय और जनसरोकारों से जुड़ा रहा।

सिक्किम में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई ऐतिहासिक पहल कीं। जून 2025 में उन्होंने 5 साल के लंबे अंतराल के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इसके अलावा, राष्ट्र सेवा और थल सेना के प्रति अपनी संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्होंने 20 अक्टूबर 2025 को दिवाली का पर्व चीन सीमा से लगे डोकलाम दर्रे (Doka La Pass) पर तैनात भारतीय सेना के वीर जवानों के बीच जाकर मनाया था।

मारवाड़ और पूरे राजस्थान में खुशी की लहर

अब अक्टूबर 2026 में राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी नए आदेशों के तहत उन्हें केरल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। पाली जिले के एक साधारण गांव से निकलकर देश के दो बड़े राज्यों का राज्यपाल बनना मारवाड़ और पूरे राजस्थान के लिए गौरव का विषय है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ओम प्रकाश माथुर की संगठनात्मक दक्षता, सौम्य व्यवहार और लंबे प्रशासनिक व राजनीतिक अनुभव का लाभ अब केरल राज्य को मिलेगा। उनकी इस नई नियुक्ति के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें इस नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

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