NSE प्रमुख Ashish Chauhan बोले नए UPI Merchant Tax पर सरकार से नहीं हुई कोई बातचीत

NSE प्रमुख Ashish Chauhan बोले नए UPI Merchant Tax पर सरकार से नहीं हुई कोई बातचीत

शेयर बाजार और डिजिटल भुगतान से जुड़े ग्राहकों के लिए आने वाले दिनों में टैक्स व्यवस्था में बदलाव महत्वपूर्ण हो सकता है। इसी बीच नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष चौहान ने कहा है कि नए यूपीआई टैक्स  को लेकर सरकार के साथ एक्सचेंज की कोई बातचीत नहीं हुई है। उनके मुताबिक यह मामला मुख्य रूप से दलाल कंपनियों और उनके ग्राहकों के बीच है और दोनों पक्ष इसका रास्ता निकाल सकते हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार, आशीष चौहान ने यह बात 24 सितंबर को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की शेयर बाजार में शुरुआत के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। उन्होंने बताया कि नया टैक्स ढांचा भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम की ओर से लिया गया फैसला है। ऐसे में फिलहाल यह देखना होगा कि दलाल कंपनियां और उनके ग्राहक इस बदलाव के बाद किस तरह की व्यवस्था बनाते हैं।

बता दें कि भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ने यूपीआई लेनदेन के लिए नया व्यापारी छूट दर ढांचा पेश किया है। इसके तहत पूंजी बाजार से जुड़े कुछ लेनदेन पर 0.02% टैक्स  लगाया जाएगा। इसमें शेयर दलालों, प्रतिभूतियों और म्यूचुअल फंड से जुड़े भुगतान शामिल हैं। हालांकि, हर लेनदेन इस टैक्स की अधिकतम सीमा 300 रुपये रखी गई है। नई व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होने वाली है।

इस बदलाव का असर शेयर बाजार से जुड़े डिजिटल भुगतान पर पड़ सकता है। अब तक यूपीआई के इस्तेमाल को लेकर टैक्स  व्यवस्था काफी हद तक बिना टैक्स वाली रही है। नई दर लागू होने के बाद पूंजी बाजार से जुड़े कुछ भुगतान पर टैक्स  लगेगा, हालांकि यह टैक्स सीधे ग्राहक से लिया जाएगा या इसका भार दलाल कंपनी उठाएगी, यह संबंधित व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

गौरतलब है कि यूपीआई की व्यापक टैक्स  व्यवस्था में 2,000 रुपये से अधिक के कुछ व्यक्ति से व्यापारी भुगतान पर 0.4% तक टैक्स  का प्रावधान है। वहीं 2,000 रुपये तक के व्यापारी भुगतान और छोटे व्यापारियों से जुड़े उन लेनदेन पर कोई टैक्स नहीं रहेगा, जिन्हें शून्य टैक्स व्यवस्था में रखा गया है।

वित्त मंत्रालय पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि इस बदलाव से करीब 96% व्यक्ति से व्यापारी लेनदेन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। साथ ही ग्राहकों से सीधे व्यापारी छूट दर वसूलने की व्यवस्था नहीं है। इसका मतलब है कि आम यूपीआई उपयोगकर्ताओं के रोजमर्रा के कई भुगतान पहले की तरह बिना अतिरिक्त टैक्स के जारी रहेंगे।

आशीष चौहान की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने लंबे इंतजार के बाद शेयर बाजार में अपनी शुरुआत की है। 24 सितंबर को इसके शेयर बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर 1,800 रुपये प्रति शेयर के भाव पर लिस्टेड हुए। इसका आईपीओ मूल्य 1,785 रुपये था। पहले कारोबारी दिन शेयर 1,818 रुपये पर बंद हुए।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के करीब 22,561.57 करोड़ रुपये के आईपीओ में मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी की बिक्री की गई थी। इसमें करीब 12.64 करोड़ शेयर शामिल थे। निर्गम के लिए हर शेयर कीमत 1,700 रुपये से 1,785 रुपये के बीच तय की गई थी।

ऐसे में यूपीआई टैक्स में बदलाव और एक्सचेंज की हालिया शेयर बाजार में शुरुआत, दोनों ही वित्तीय बाजार से जुड़े पक्षों के लिए अहम घटनाक्रम हैं। फिलहाल आशीष चौहान के बयान से संकेत मिलता है कि टैक्स  का असर कैसे संभाला जाएगा, इस पर आखिरी व्यवस्था दलाल कंपनियों और उनके ग्राहकों के बीच तय होने की संभावना है। अगले कुछ हफ्तों में इसको लेकर तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।

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