भवानी मंडी में किसानों के लिए ज्ञान, तकनीक और प्रशिक्षण का संगम बना नया कृषि केंद्र
नई दिल्ली. राजस्थान के भवानी मंडी में एक अत्याधुनिक कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत की गई, जिसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक, व्यावहारिक प्रशिक्षण और बेहतर कृषि पद्धतियों से जोड़ना है। यह पहल राज्य में संधारणीय (सस्टेनेबल) कृषि को बढ़ावा देने और किसानों की आय व उत्पादकता में वृद्धि करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ट्रैक्टर्स एंड फार्म इक्विपमेंट लिमिटेड (टैफे) द्वारा शुरू किए जेफार्म केंद्र में किसानों के लिए कई विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। ग्राहक अनुभव केंद्र में लाइव डेमो के माध्यम से आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों की जानकारी दी जाती है। उत्पाद प्रशिक्षण केंद्र में किसानों, डीलरों और तकनीकी कर्मचारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। टीआर केशवन, ग्रुप प्रेसिडेंट, कॉर्पोरेट रिलेशन ने कहा कि इस केंद्र की खासियत यह है कि यहां किसान केवल जानकारी ही नहीं, बल्कि वास्तविक परिस्थितियों में तकनीकों का प्रयोग देख और सीख सकेंगे। इससे उन्हें अपनी खेती में सीधे लाभ उठाने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे केंद्र किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। यहाँ विश्वस्तरीय कृषि मशीनीकरण के साथ-साथ स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार समाधान भी उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे खेती अधिक लाभकारी और टिकाऊ बन सके। यह पहल कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत की गई है, जिसमें एक टैफे ने सहयोगी की भूमिका निभाई है। इस प्रकार के प्रयास न केवल कृषि क्षेत्र में तकनीकी अंतर को कम करते हैं, बल्कि किसानों को नई सोच और नवाचार अपनाने के लिए भी प्रेरित करते हैं। कुल मिलाकर, यह केंद्र राजस्थान ही नहीं बल्कि उत्तर भारत के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन साबित होगा, जो उन्हें आधुनिक खेती की दिशा में आगे बढ़ने और अपनी आय बढ़ाने में मदद करेगा।


