नयी दिल्ली, छह सितंबर रियल एस्टेट क्षेत्र के मंच नोब्रोकर.कॉम का राजस्व पिछले वित्त वर्ष में 1,000 करोड़ रुपये को पार कर गया है और कंपनी अगले आठ से 10 महीने में मुनाफे में आने का लक्ष्य लेकर चल रही है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। बेंगलुरु स्थित यूनिकॉर्न नोब्रोकर.कॉम की स्थापना 2013 में हुई थी।
यह मुख्य रूप से किराये, खरीद और बिक्री के लिए संपत्तियों की सूची उपलब्ध कराता है और ग्राहकों से कोई ब्रोकरेज शुल्क नहीं लेता है। यूनिकॉर्न से आशय एक अरब डॉलर या उससे अधिक मूल्यांकन वाली कंपनी से है। कंपनी इस क्षेत्र में पैकर्स एंड मूवर्स जैसी अतिरिक्त सेवाएं भी देती है और ‘नोब्रोकरहुड’ ऐप के जरिये आवासीय सोसायटियों का प्रबंधन करती है।
नोब्रोकर.कॉम के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमित कुमार अग्रवाल ने पीटीआई- के साथ साक्षात्कार में कहा कि कंपनी का राजस्व वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 965 करोड़ रुपये हो गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 888 करोड़ रुपये था। इससे कंपनी को अपना घाटा 25-30 प्रतिशत घटाकर करीब 300 करोड़ रुपये करने में मदद मिली। अग्रवाल ने कहा, ‘‘पिछले वित्त वर्ष में हमारा राजस्व 1,000 करोड़ रुपये को पार कर गया है, हालांकि अंतिम आंकड़ों का अभी लेखा-परीक्षण किया जा रहा है।
हम मुनाफे की दिशा में लगातार मजबूत प्रगति कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि बढ़ते राजस्व और लागत को अनुकूलित करने के प्रयासों से कंपनी का घाटा हर वित्त वर्ष कम हो रहा है। अग्रवाल ने कहा, ‘‘हम अगले आठ से 10 महीने के भीतर मुनाफे में आने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि फिलहाल कंपनी का पूरा ध्यान मुनाफे में आने पर है और इस चरण में वह निवेशकों से और पूंजी जुटाने या आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने पर विचार नहीं कर रही है। अग्रवाल ने कहा कि मुनाफे में आने के बाद कंपनी आईपीओ लाने पर विचार कर सकती है।
नोब्रोकर की मौजूदगी छह शहरों बेंगलुरु, मुंबई, पुणे, हैदराबाद, चेन्नई और दिल्ली-एनसीआर में है। कंपनी का सोसायटी प्रबंधन मंच ‘नोब्रोकरहुड’ 11 शहरों में मौजूद है। यह 25,000 से अधिक आवासीय सोसायटियों और 48 लाख परिवारों को सेवाएं दे रहा है।

