बिहार: नए मंत्रिमंडल पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को शामिल किया जाएगा या नहीं। इसको लेकर कई तरह की चर्चा चल रही है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी उनको संगठन की जिम्मेवारी दे सकती है।
बिहार के उपमुख्यमंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने रविवार को मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बड़ा अपडेट दिया। उन्होंने कहा, “सब कुछ जल्द ही साफ हो जाएगा।” विजय कुमार चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ पटना स्थित जेडीयू कार्यालय पहुंचे थे। 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद यह नीतीश कुमार का पार्टी कार्यालय का पहला दौरा था। मीडिया के एक सवाल के जवाब में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर पहले से ही काम कर रही है।
बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत
विजय चौधरी ने बताया कि शनिवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ इस मुद्दे पर लंबी बातचीत हुई। इसके बाद से यह अटकलें तेज हो गई हैं कि राज्य मंत्रिमंडल का जल्द ही विस्तार होगा। बिहार मंत्रिमंडल का विस्तार 4 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद होने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, बैठक के दौरान क्या बातचीत हुई, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री और नीतीश कुमार के बीच प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा हुई। 1, अणे मार्ग (मुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास) पर हुई यह बैठक करीब 20 मिनट तक चली। केंद्रीय मंत्री और JD(U) के पूर्व अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह भी इस बैठक में मौजूद थे।
नए चेहरों को मिल सकता है मौका
नई सरकार में मुख्यमंत्री के तौर पर सम्राट चौधरी के अलावा जेडीयू के दो वरिष्ठ नेताओं विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने 15 अप्रैल को उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद से ही मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल विस्तार में कुछ नए चेहरों को शामिल किए जाने की संभावना है। ऐसी भी अटकलें हैं कि जेडीयू बिहार के लिए एक नई “विकास टीम” बनाने के उद्देश्य से नए चेहरों को मौका दे सकती है। बताया जा रहा है कि रुहैल रंजन, कोमल सिंह, ऋतुराज और चेतन आनंद जैसे विधायक—जो सभी निशांत के कोर ग्रुप के सदस्य हैं—को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है।
बीजेपी में बड़ा बदलाव के संकेत
भाजपा भी नए चेहरों को अवसर दे सकती है। नितिन नवीन के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के साथ ही पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव की प्रक्रिया तेज हो गई है। भाजपा नेताओं का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि युवा नेता आगे आकर नेतृत्व संभालें। इस बीच यह अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा या नहीं।
विजय सिन्हा को नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत
सूत्रों के अनुसार, उन्हें विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है या फिर राज्य पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा सकती है। चूंकि वरिष्ठ भाजपा नेता प्रेम कुमार वर्तमान में विधानसभा अध्यक्ष के पद पर हैं, इसलिए उनके इस भूमिका में बने रहने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, मौजूदा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है और उनकी जगह विजय कुमार सिन्हा को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना है। इसी तरह, पूर्व IPS अधिकारी और बक्सर के विधायक आनंद मिश्रा को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। संजय सिंह ‘टाइगर’, श्रेयसी सिंह, लखेंद्र पासवान, रमा निषाद और प्रमोद चंद्रवंशी भी इस दौड़ में सबसे आगे हैं।


