नगर निगम ने शहर की सफाई व्यवस्था में लापरवाही और अनियमितता पर सख्त कार्रवाई की है। जांच में शिकायतें सही पाए जाने के बाद विनियमित सफाई कर्मी अनिल छात्ररे (तत्कालीन वार्ड हेल्थ ऑफिसर, वार्ड क्रमांक 20) की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। यह आदेश आयुक्त संघ प्रिय द्वारा जारी किया गया है। मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि निगम को लंबे समय से सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। जांच के दौरान कई कर्मचारी बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इसके बाद नियमित सफाई कर्मी नरेश (वार्ड 04), सुनील (वार्ड 12), सोनू (वार्ड 14), कुणाल (वार्ड 21), रजत (वार्ड 21), विनोद (वार्ड 52) और मनोज (वार्ड 55) के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। तीन की सेवा समाप्त, एक को नोटिस इसके अतिरिक्त, लंबे समय से कार्य पर अनुपस्थित आउटसोर्स सफाई श्रमिक लक्ष्मण (वार्ड 06) और सोनू (वार्ड 60) की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। उन्हें संबंधित आउटसोर्स एजेंसी को वापस भेज दिया गया है। वहीं, विनियमित सफाई कर्मी पवन (वार्ड 64), जो बिना सूचना के लंबे समय से अनुपस्थित थे, उन्हें सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया है। कर्मचारियों का पांच दिन का वेतन काटा नगर निगम ने केवल अनुपस्थित कर्मचारियों पर ही नहीं, बल्कि कार्य में लापरवाही बरतने वालों पर भी कार्रवाई की है। वार्ड 27 के चार, वार्ड 29 के चार, वार्ड 40 के तीन और वार्ड 55 के तीन सफाई कर्मियों के पांच दिनों का वेतन काटा गया है। इन कर्मचारियों को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर यह कार्रवाई की गई। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी यदि कोई कर्मचारी कार्य में लापरवाही या अनियमितता करता पाया गया, तो उसके खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी।


