Neeraj Chopra ने Lausanne Diamond League में 88.05 मीटर थ्रो के साथ हासिल किया दूसरा स्थान

Neeraj Chopra ने Lausanne Diamond League में 88.05 मीटर थ्रो के साथ हासिल किया दूसरा स्थान

भारतीय भाला फेंक के दिग्गज खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने एक साल से अधिक समय में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन शुक्रवार को यहां लुसाने डायमंड लीग में श्रीलंका के उभरते सितारे रमेश पथिरागे ने सिर्फ नौ सेंटीमीटर के अंतर से उन्हें स्वर्ण पदक से वंचित कर दिया। चोपड़ा ने अपने दूसरे प्रयास में 88.05 मीटर का थ्रो किया, जो उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। इससे यह 28 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी नौ खिलाड़ियों के मुकाबले में दूसरे स्थान पर रहा।यह इस सत्र का उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो भी था। दरअसल चोपड़ा का यह पिछले साल जून के बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। उन्होंने तब पेरिस डायमंड लीग जीतने के दौरान 88.16 मीटर का थ्रो किया था।लेकिन 23 वर्षीय पथिरागे ने इस सत्र में अपना दबदबा बरकरार रखते हुए अपने तीसरे प्रयास में 88.14 मीटर के थ्रो के साथ चोपड़ा को पीछे छोड़ दिया। चोपड़ा ने हालांकि दूसरे स्थान पर रहकर डायमंड लीग फाइनल के लिए क्वालीफाई करने की अपनी उम्मीदों को मजबूती प्रदान की। वह साल के आखिर में होने वाले डायमंड लीग फाइनल की रैंकिंग में सातवें स्थान से आगे बढ़कर शीर्ष पांच में पहुंच गए हैं।ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने अपने छठे और अंतिम प्रयास में 86.69 मीटर की दूरी तय करके तीसरा स्थान हासिल किया। त्रिनिदाद और टोबैगो के मौजूदा विश्व चैंपियन केशोर्न वालकॉट 83.71 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहे। विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन 78.13 मीटर के साथ छठे स्थान पर रहे, जबकि तोक्यो ओलंपिक के रजत पदक विजेता चेक गणराज्य के जैकब वाडलेज ने 77.32 मीटर के साथ सातवां स्थान हासिल किया।चोपड़ा ने बाद में कहा कि शीर्ष स्थान के लिए उनके और पथिरागे के बीच कड़ी टक्कर थी। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अहसास ही नहीं हुआ कि यह केवल नौ सेंटीमीटर का अंतर था। यह बहुत कम अंतर था, लेकिन मैं 88 मीटर के थ्रो सेखुश हूं।सच कहूं तो, मुझे ऐसा लगा ही नहीं कि मेरा थ्रो 88 मीटर तक गया। मैं बहुत सहज महसूस कर रहा था। मैंने बहुत मेहनत की और बाद में अपनी तकनीक पर ध्यान केंद्रित किया।’’
चोपड़ा ने कहा, ‘‘प्रत्येक प्रतियोगिता के बाद मुझे ऐसा लगता है कि मैं अपने प्रदर्शन में निरंतर सुधार कर रहा हूं।लुसाने और ज्यूरिख में मौजूद दर्शक एथलेटिक्स को समझते हैं और वास्तव में आपका समर्थन करते हैं, इसलिए यहां प्रतिस्पर्धा करना हमेशा अच्छा लगता है।’’
चोपड़ा की चार और पांच सितंबर को ब्रुसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल में जगह बनाने की संभावना बढ़ गई है। इस प्रतियोगिता में रैंकिंग में शीर्ष छह पर रहने वाले खिलाड़ी भाग लेंगे। पथिरागे और पीटर्स पहले ही इसके के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं।अभी एक और डायमंड लीग प्रतियोगिता 27 अगस्त को ज्यूरिख में होनी है। चोपड़ा ने 2022 में डायमंड लीग फाइनल का खिताब जीता था जबकि 2023, 2024 और 2025 में वह दूसरे स्थान पर रहे थे। दक्षिण एशिया के दो प्रतिद्वंद्वियों के बीच मुकाबला उम्मीदों पर खरा उतरा, जब चोपड़ा ने अपने दूसरे प्रयास में 88.05 मीटर का भाला फेंककर पथिरागे को पीछे छोड़ते हुए कुछ समय के लिए शीर्ष स्थान हासिल किया।श्रीलंकाई खिलाड़ी ने हालांकि तुरंत ही तीसरे प्रयास में 88.14 मीटर का भाला फेंककर फिर से शीर्ष स्थान हासिल कर दिया। यह लगातार तीसरा अवसर था जब 23 वर्षीय पथिरागे ने इस साल दो बार के ओलंपिक पदक विजेता चोपड़ा को हराया। इससे पहले उन्होंने दोहा डायमंड लीग और ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय सुपरस्टार को पीछे छोड़ा था।पथिरागे ने इन दोनों प्रतियोगिताओं में जीत हासिल की थी, जबकि चोपड़ा क्रमशः चौथे और दूसरे स्थान पर रहे थे। चोपड़ा ने 83.54 मीटर के थ्रो से शुरुआत की और फिर 88.05 मीटर का शानदार थ्रो किया। तीसरे प्रयास में उन्होंने 83.72 मीटर का थ्रो किया।चौथे प्रयास में उन्हें ‘नो मार्क’ मिला। उन्होंने पांचवा प्रयास नहीं लिया जबकि अपने छठे और अंतिम प्रयास में 82.15 मीटर की दूरी तय की। 

भारतीय भाला फेंक के दिग्गज खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने एक साल से अधिक समय में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन शुक्रवार को यहां लुसाने डायमंड लीग में श्रीलंका के उभरते सितारे रमेश पथिरागे ने सिर्फ नौ सेंटीमीटर के अंतर से उन्हें स्वर्ण पदक से वंचित कर दिया। चोपड़ा ने अपने दूसरे प्रयास में 88.05 मीटर का थ्रो किया, जो उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। इससे यह 28 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी नौ खिलाड़ियों के मुकाबले में दूसरे स्थान पर रहा।

यह इस सत्र का उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो भी था। दरअसल चोपड़ा का यह पिछले साल जून के बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। उन्होंने तब पेरिस डायमंड लीग जीतने के दौरान 88.16 मीटर का थ्रो किया था।

लेकिन 23 वर्षीय पथिरागे ने इस सत्र में अपना दबदबा बरकरार रखते हुए अपने तीसरे प्रयास में 88.14 मीटर के थ्रो के साथ चोपड़ा को पीछे छोड़ दिया। चोपड़ा ने हालांकि दूसरे स्थान पर रहकर डायमंड लीग फाइनल के लिए क्वालीफाई करने की अपनी उम्मीदों को मजबूती प्रदान की। वह साल के आखिर में होने वाले डायमंड लीग फाइनल की रैंकिंग में सातवें स्थान से आगे बढ़कर शीर्ष पांच में पहुंच गए हैं।

ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने अपने छठे और अंतिम प्रयास में 86.69 मीटर की दूरी तय करके तीसरा स्थान हासिल किया। त्रिनिदाद और टोबैगो के मौजूदा विश्व चैंपियन केशोर्न वालकॉट 83.71 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहे। विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन 78.13 मीटर के साथ छठे स्थान पर रहे, जबकि तोक्यो ओलंपिक के रजत पदक विजेता चेक गणराज्य के जैकब वाडलेज ने 77.32 मीटर के साथ सातवां स्थान हासिल किया।

चोपड़ा ने बाद में कहा कि शीर्ष स्थान के लिए उनके और पथिरागे के बीच कड़ी टक्कर थी। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अहसास ही नहीं हुआ कि यह केवल नौ सेंटीमीटर का अंतर था। यह बहुत कम अंतर था, लेकिन मैं 88 मीटर के थ्रो सेखुश हूं।

सच कहूं तो, मुझे ऐसा लगा ही नहीं कि मेरा थ्रो 88 मीटर तक गया। मैं बहुत सहज महसूस कर रहा था। मैंने बहुत मेहनत की और बाद में अपनी तकनीक पर ध्यान केंद्रित किया।’’
चोपड़ा ने कहा, ‘‘प्रत्येक प्रतियोगिता के बाद मुझे ऐसा लगता है कि मैं अपने प्रदर्शन में निरंतर सुधार कर रहा हूं।

लुसाने और ज्यूरिख में मौजूद दर्शक एथलेटिक्स को समझते हैं और वास्तव में आपका समर्थन करते हैं, इसलिए यहां प्रतिस्पर्धा करना हमेशा अच्छा लगता है।’’
चोपड़ा की चार और पांच सितंबर को ब्रुसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल में जगह बनाने की संभावना बढ़ गई है। इस प्रतियोगिता में रैंकिंग में शीर्ष छह पर रहने वाले खिलाड़ी भाग लेंगे। पथिरागे और पीटर्स पहले ही इसके के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं।

अभी एक और डायमंड लीग प्रतियोगिता 27 अगस्त को ज्यूरिख में होनी है। चोपड़ा ने 2022 में डायमंड लीग फाइनल का खिताब जीता था जबकि 2023, 2024 और 2025 में वह दूसरे स्थान पर रहे थे। दक्षिण एशिया के दो प्रतिद्वंद्वियों के बीच मुकाबला उम्मीदों पर खरा उतरा, जब चोपड़ा ने अपने दूसरे प्रयास में 88.05 मीटर का भाला फेंककर पथिरागे को पीछे छोड़ते हुए कुछ समय के लिए शीर्ष स्थान हासिल किया।

श्रीलंकाई खिलाड़ी ने हालांकि तुरंत ही तीसरे प्रयास में 88.14 मीटर का भाला फेंककर फिर से शीर्ष स्थान हासिल कर दिया। यह लगातार तीसरा अवसर था जब 23 वर्षीय पथिरागे ने इस साल दो बार के ओलंपिक पदक विजेता चोपड़ा को हराया। इससे पहले उन्होंने दोहा डायमंड लीग और ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय सुपरस्टार को पीछे छोड़ा था।

पथिरागे ने इन दोनों प्रतियोगिताओं में जीत हासिल की थी, जबकि चोपड़ा क्रमशः चौथे और दूसरे स्थान पर रहे थे। चोपड़ा ने 83.54 मीटर के थ्रो से शुरुआत की और फिर 88.05 मीटर का शानदार थ्रो किया। तीसरे प्रयास में उन्होंने 83.72 मीटर का थ्रो किया।

चौथे प्रयास में उन्हें ‘नो मार्क’ मिला। उन्होंने पांचवा प्रयास नहीं लिया जबकि अपने छठे और अंतिम प्रयास में 82.15 मीटर की दूरी तय की।

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