नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के लोकसभा सदस्य आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी के 3 नवंबर को इस्तीफा देने की अटकलों के बीच, उन्होंने शुक्रवार को कहा कि वह संसद की सदस्यता छोड़ने से पहले अनुच्छेद 370 पर पार्टी के रुख में आए बदलाव के बारे में जवाब मांगेंगे। पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को लिखे दो पृष्ठों के पत्र में मेहदी ने कहा, ‘‘मेरा इस्तीफा आपके कहे बिना भी आ जाएगा, लेकिन उससे पहले जवाबदेही तय होनी चाहिए।’’
मेहदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने अपनी पार्टी के अध्यक्ष को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने पार्टी अध्यक्ष की ओर से सार्वजनिक रूप से इस्तीफे की मांग का जवाब दिया है। मेहदी ने पोस्ट में कहा, ‘‘मैं पत्र में पूछे गए सवालों पर उनके जवाब का इंतजार कर रहा हूं।’’
पार्टी के मुख्य विमर्श पर सवाल उठाते हुए, मेहदी ने कहा कि नेकां ने 2024 का विधानसभा चुनाव अनुच्छेद 370 और 35ए को बहाल करने के वादे पर लड़ा और जीता था।
मेहदी ने कहा, ‘‘आज हम सुविधाजनक रूप से यह तर्क दे सकते हैं कि जिस सरकार ने अनुच्छेद 370 को समाप्त किया, वह इसे कभी बहाल नहीं करेगी… यह एक उचित तर्क होता। लेकिन जब हमने 2024 का अपना घोषणापत्र तैयार किया था, तब भी भाजपा सत्ता में थी।

