Nasrallah Death Anniversary: नसरल्लाह की हत्या भूला नहीं ईरान, इजरायल पर फिर साधा निशाना, दुनिया को दिया बड़ा संदेश

Nasrallah Death Anniversary: नसरल्लाह की हत्या भूला नहीं ईरान, इजरायल पर फिर साधा निशाना, दुनिया को दिया बड़ा संदेश

Iran Demands Justice for Nasrallah: हिजबुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह की मौत के दो साल बाद भी उनका मामला ईरान की विदेश नीति में प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। 27 सितंबर को नसरल्लाह की दूसरी बरसी पर तेहरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग तेज कर दी। ईरान का कहना है कि समय बीतने से न्याय की मांग खत्म नहीं होगी। इस बयान ने लेबनान की संप्रभुता, क्षेत्रीय सुरक्षा और इजरायल-ईरान तनाव से जुड़े सवाल फिर सामने ला दिए हैं।

तेहरान ने दुनिया से क्या कहा?

ईरान के विदेश मंत्रालय ने रविवार को जारी बयान में नसरल्लाह की हत्या को गंभीर अपराध बताते हुए कहा कि दुनिया के देशों को इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर मुकदमा चलाने और सजा सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए। मंत्रालय ने यह भी कहा कि गुजरता समय न्याय की मांग को कमजोर नहीं कर सकता। यह बयान नसरल्लाह की हत्या की दूसरी बरसी के मौके पर जारी किया गया।

ईरानी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 27 सितंबर 2024 को बेरूत के दक्षिणी इलाके दहियेह में हुए बड़े हवाई हमले में नसरल्लाह मारे गए थे। हमले में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के वरिष्ठ कमांडर ब्रिगेडियर जनरल अब्बास निलफोरूशन समेत अन्य लोग भी मारे गए थे। हिजबुल्लाह ने अगले दिन नसरल्लाह की मौत की पुष्टि की थी।

लेबनान को लेकर ईरान का संदेश

तेहरान ने अपने बयान में लेबनान की स्वतंत्रता, क्षेत्रीय अखंडता, संप्रभुता और राष्ट्रीय एकता के समर्थन को दोहराया। ईरान का कहना है कि ऐसा लेबनान, जो अपने लोगों और क्षेत्र की रक्षा करने में सक्षम हो, पश्चिम एशिया में स्थायी सुरक्षा और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।

नसरल्लाह के राजनीतिक और सैन्य प्रभाव का जिक्र करते हुए ईरान ने उनके लंबे नेतृत्व को प्रतिरोध आंदोलन के इतिहास से जोड़ा। बयान में कासिम सुलेमानी, अबू महदी अल-मुहंदिस, इस्माइल हानिया, याह्या सिनवार और मोहम्मद अब्दुलकरीम अल-गमारी समेत कई अन्य मारे गए नेताओं और कमांडरों को भी याद किया गया।

दो साल बाद भी क्षेत्र में तनाव कायम

नसरल्लाह की हत्या के बाद लेबनान में संघर्ष और व्यापक क्षेत्रीय टकराव की आशंकाएं बढ़ी थीं। उस समय रॉयटर्स ने रिपोर्ट किया था कि इजरायली हमले के बाद लेबनान में बड़े पैमाने पर विस्थापन हुआ और संघर्ष के क्षेत्रीय स्तर पर फैलने की चिंता बढ़ गई थी। चीन समेत कई देशों ने बाद में लेबनान की संप्रभुता और तनाव कम करने की जरूरत पर जोर दिया।

ईरान का ताजा बयान बताता है कि नसरल्लाह की हत्या सिर्फ अतीत की घटना नहीं, बल्कि तेहरान के लिए आज भी क्षेत्रीय राजनीति, लेबनान और इजरायल के साथ उसके टकराव से जुड़ा अहम मुद्दा है।

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