मुजफ्फरपुर के राघव की UPSC में ऑल इंडिया चौथी रैंक:बोले- सिचुएशन कैसे हैंडल करता हूं, इसलिए इंटरव्यू में कुछ ही नहीं बोलने दिया

मुजफ्फरपुर के राघव की UPSC में ऑल इंडिया चौथी रैंक:बोले- सिचुएशन कैसे हैंडल करता हूं, इसलिए इंटरव्यू में कुछ ही नहीं बोलने दिया

मुजफ्फरपुर के राघव झुनझुनवाला ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में ऑल इंडिया चौथी रैंक लाई है। राघव मुजफ्फरपुर शहर के पंकज मार्केट के रहने वाले हैं। उन्होंने 12 वीं तक मुजफ्फरपुर में ही रहकर पढ़ाई की। इसके बाद हायर एजुकेशन के लिए वे दिल्ली चले गए। इसी के साथ उन्होंने वहां UPSC की तैयारी की। दैनिक भास्कर ने राघव झुनझुनवाला से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अपनी पढ़ाई, तैयारी की रणनीति, परिवार के सहयोग और सोशल मीडिया के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया। पढ़िए, पूरी रिपोर्ट। नीचे पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश प्रश्न: सबसे पहले आपको बहुत-बहुत बधाई। अपनी पढ़ाई और एजुकेशन बैकग्राउंड के बारे में बताइए। उत्तर: बहुत-बहुत धन्यवाद। मेरी स्कूली पढ़ाई हाई स्कूल तक यहीं (मुजफ्फरपुर) से हुई। अपनी शुरुआती पढ़ाई 10वीं तक दिल्ली पब्लिक स्कूल में की। इसके बाद जीडी मदर इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई की। हायर एडुकेशन के लिए दिल्ली गए। वहां उन्होंने श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से ग्रेजुएशन में इकोनॉमिक्स विषय चुना। ग्रेजुएशन के दौरान ही मेरा रुझान सिविल सर्विस की ओर बढ़ा और फिर मैंने इसकी तैयारी शुरू कर दी। प्रश्न: आपने UPSC की तैयारी कब से शुरू की? उत्तर: मैंने साल 2023 से गंभीरता से UPSC की तैयारी शुरू की। शुरुआत में तैयारी को लेकर काफी मेहनत करनी पड़ी और धीरे-धीरे पढ़ाई की एक सही रणनीति बनती चली गई। प्रश्न : क्या ये आपका पहला अटेंप्ट था, इससे पहले भी आपने यूपीएससी का एग्जाम दिया है। उत्तर: नहीं! यह मेरा तीसरा एटेंप्ट था। इससे पहले दो बार सफलता नहीं मिली। पिछली बार मैं इंटरव्यू राउंड तक पहुंचा था। लेकिन रिजल्ट नहीं आया। मेंस भी कुछ अच्छा नहीं गया। बावजूद इसके मैं पूरे लगन से तैयारी की। प्री और मेंस एग्जाम के बाद इस बार भी इंटरव्यू काफी टफ रहा, लेकिन रिजल्ट आ गया। प्रश्न: क्या आपको पहले से इतनी अच्छी रैंक आने की उम्मीद थी? उत्तर: सच कहूं तो इतनी अच्छी रैंक आने की उम्मीद बहुत कम थी। मैंने बस अपनी तरफ से पूरी ईमानदारी से मेहनत की थी और परिणाम क्या होगा, इसे लेकर ज्यादा नहीं सोचा था। प्रश्न : इंटरव्यू में किस तरह के सवाल थे? उत्तर : इंटरव्यू काफी स्ट्रेसफुल था। वो लोग मुझे बोलने नहीं दे रहे थे। वो देखना चाह रहे थे कि मैं इस सिचुएसन को कैसे हैंडल करता हूं। अब रिजल्ट अच्छा आया है तो सब अच्छा है। प्रश्न: आपकी इस सफलता में परिवार का कितना योगदान रहा? उत्तर: इसका श्रेय बहुतों को जाता है, लेकिन मेरे परिवार का बहुत बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने हमेशा मुझे प्रेरित किया और हर परिस्थिति में मेरा साथ दिया। उनकी वजह से ही मैं पूरी तरह पढ़ाई पर ध्यान दे सका। प्रश्न: तैयारी के दौरान सोशल मीडिया का कितना इस्तेमाल करते थे? उत्तर: तैयारी के दौरान मैं सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल करता था। मैं ज्यादातर ट़विटर पर एक्टिव रहता था। मैंने सोशल मीडिया को तैयारी के इस्तेमाल किया। मैंने अपने फीड को कस्टमाइज कर रखा था। इससे मुझे जीएस के अपडेट्स लगातार रियल टाइम में मिल जाते थे। इसके अलावा सोशल मीडिया का इस्तेमाल बहुत सीमित समय के लिए करता था। कभी-कभी थोड़ा समय अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बिताता था, लेकिन कोशिश यही रहती थी कि पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दिया जाए। प्रश्न: जो छात्र UPSC की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें आप क्या संदेश देना चाहेंगे? उत्तर: UPSC की तैयारी एक लंबी प्रक्रिया है। कई बार रिजल्ट आने में समय लगता है और परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं भी हो सकते हैं। इसलिए सबसे जरूरी है धैर्य रखना। अगर आप अपने प्रयासों के प्रति ईमानदार हैं और लगातार मेहनत करते हैं, तो मुझे लगता है कि आप इस प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पार कर सकते हैं। मुजफ्फरपुर के राघव झुनझुनवाला की यह उपलब्धि न केवल शहर बल्कि पूरे बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। उनकी सफलता यह साबित करती है कि सही रणनीति, धैर्य और लगातार मेहनत से UPSC जैसी कठिन परीक्षा में भी उत्कृष्ट सफलता हासिल की जा सकती है। चार साल के बच्चे ने कहा- मैं भी राघव भइया की तरह अफसर बनूंगा पड़ोस में रहने वाले मिहिर गोयनका जो चौथी क्लास में पढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि मैं राघव मेरे बड़े भईया है। मुझे बहुत खुशी है। मैं भी उनकी तरह पढ़लिखकर बड़े होकर आईएएस बनूंगा। मिहिर के माता-पिता ने बताया कि राघव बचपन से ही मेघवी छात्र था। राघव ने हमारे मोहल्ले का ही नहीं, मुजफ्फरपुर का ही नहीं बल्कि पूरे बिहार क नाम रोशन किया है। हमें इसके लिए काफी खुशी है। मुजफ्फरपुर के राघव झुनझुनवाला ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में ऑल इंडिया चौथी रैंक लाई है। राघव मुजफ्फरपुर शहर के पंकज मार्केट के रहने वाले हैं। उन्होंने 12 वीं तक मुजफ्फरपुर में ही रहकर पढ़ाई की। इसके बाद हायर एजुकेशन के लिए वे दिल्ली चले गए। इसी के साथ उन्होंने वहां UPSC की तैयारी की। दैनिक भास्कर ने राघव झुनझुनवाला से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अपनी पढ़ाई, तैयारी की रणनीति, परिवार के सहयोग और सोशल मीडिया के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया। पढ़िए, पूरी रिपोर्ट। नीचे पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश प्रश्न: सबसे पहले आपको बहुत-बहुत बधाई। अपनी पढ़ाई और एजुकेशन बैकग्राउंड के बारे में बताइए। उत्तर: बहुत-बहुत धन्यवाद। मेरी स्कूली पढ़ाई हाई स्कूल तक यहीं (मुजफ्फरपुर) से हुई। अपनी शुरुआती पढ़ाई 10वीं तक दिल्ली पब्लिक स्कूल में की। इसके बाद जीडी मदर इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई की। हायर एडुकेशन के लिए दिल्ली गए। वहां उन्होंने श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से ग्रेजुएशन में इकोनॉमिक्स विषय चुना। ग्रेजुएशन के दौरान ही मेरा रुझान सिविल सर्विस की ओर बढ़ा और फिर मैंने इसकी तैयारी शुरू कर दी। प्रश्न: आपने UPSC की तैयारी कब से शुरू की? उत्तर: मैंने साल 2023 से गंभीरता से UPSC की तैयारी शुरू की। शुरुआत में तैयारी को लेकर काफी मेहनत करनी पड़ी और धीरे-धीरे पढ़ाई की एक सही रणनीति बनती चली गई। प्रश्न : क्या ये आपका पहला अटेंप्ट था, इससे पहले भी आपने यूपीएससी का एग्जाम दिया है। उत्तर: नहीं! यह मेरा तीसरा एटेंप्ट था। इससे पहले दो बार सफलता नहीं मिली। पिछली बार मैं इंटरव्यू राउंड तक पहुंचा था। लेकिन रिजल्ट नहीं आया। मेंस भी कुछ अच्छा नहीं गया। बावजूद इसके मैं पूरे लगन से तैयारी की। प्री और मेंस एग्जाम के बाद इस बार भी इंटरव्यू काफी टफ रहा, लेकिन रिजल्ट आ गया। प्रश्न: क्या आपको पहले से इतनी अच्छी रैंक आने की उम्मीद थी? उत्तर: सच कहूं तो इतनी अच्छी रैंक आने की उम्मीद बहुत कम थी। मैंने बस अपनी तरफ से पूरी ईमानदारी से मेहनत की थी और परिणाम क्या होगा, इसे लेकर ज्यादा नहीं सोचा था। प्रश्न : इंटरव्यू में किस तरह के सवाल थे? उत्तर : इंटरव्यू काफी स्ट्रेसफुल था। वो लोग मुझे बोलने नहीं दे रहे थे। वो देखना चाह रहे थे कि मैं इस सिचुएसन को कैसे हैंडल करता हूं। अब रिजल्ट अच्छा आया है तो सब अच्छा है। प्रश्न: आपकी इस सफलता में परिवार का कितना योगदान रहा? उत्तर: इसका श्रेय बहुतों को जाता है, लेकिन मेरे परिवार का बहुत बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने हमेशा मुझे प्रेरित किया और हर परिस्थिति में मेरा साथ दिया। उनकी वजह से ही मैं पूरी तरह पढ़ाई पर ध्यान दे सका। प्रश्न: तैयारी के दौरान सोशल मीडिया का कितना इस्तेमाल करते थे? उत्तर: तैयारी के दौरान मैं सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल करता था। मैं ज्यादातर ट़विटर पर एक्टिव रहता था। मैंने सोशल मीडिया को तैयारी के इस्तेमाल किया। मैंने अपने फीड को कस्टमाइज कर रखा था। इससे मुझे जीएस के अपडेट्स लगातार रियल टाइम में मिल जाते थे। इसके अलावा सोशल मीडिया का इस्तेमाल बहुत सीमित समय के लिए करता था। कभी-कभी थोड़ा समय अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बिताता था, लेकिन कोशिश यही रहती थी कि पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दिया जाए। प्रश्न: जो छात्र UPSC की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें आप क्या संदेश देना चाहेंगे? उत्तर: UPSC की तैयारी एक लंबी प्रक्रिया है। कई बार रिजल्ट आने में समय लगता है और परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं भी हो सकते हैं। इसलिए सबसे जरूरी है धैर्य रखना। अगर आप अपने प्रयासों के प्रति ईमानदार हैं और लगातार मेहनत करते हैं, तो मुझे लगता है कि आप इस प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पार कर सकते हैं। मुजफ्फरपुर के राघव झुनझुनवाला की यह उपलब्धि न केवल शहर बल्कि पूरे बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। उनकी सफलता यह साबित करती है कि सही रणनीति, धैर्य और लगातार मेहनत से UPSC जैसी कठिन परीक्षा में भी उत्कृष्ट सफलता हासिल की जा सकती है। चार साल के बच्चे ने कहा- मैं भी राघव भइया की तरह अफसर बनूंगा पड़ोस में रहने वाले मिहिर गोयनका जो चौथी क्लास में पढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि मैं राघव मेरे बड़े भईया है। मुझे बहुत खुशी है। मैं भी उनकी तरह पढ़लिखकर बड़े होकर आईएएस बनूंगा। मिहिर के माता-पिता ने बताया कि राघव बचपन से ही मेघवी छात्र था। राघव ने हमारे मोहल्ले का ही नहीं, मुजफ्फरपुर का ही नहीं बल्कि पूरे बिहार क नाम रोशन किया है। हमें इसके लिए काफी खुशी है।  

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