Mushtaq Khan Death: गुरुवार (24 सितम्बर) का दिन हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक दुखद खबर लेकर आया। फिल्मों में अपने दमदार अभिनय से अलग पहचान बनाने वाले एक्टर मुश्ताक खान का लिवर कैंसर के कारण निधन हो गया। फिल्म जगत और उनके चाहने वाले इस खबर से दुखी हैं और उनको याद कर श्रद्धांजलि दे रहे हैं। अपनी कॉमिक टाइमिंग और सपोर्टिंग रोल के लिए मशहूर इस अभिनेता ने तीन दशक से ज्यादा लंबे करियर में फिल्मों और टेलीविजन दोनों में काम किया।
फिल्म ‘वेलकम’ में ‘बालू’ के तौर पर उनकी एक्टिंग उनके सबसे यादगार किरदारों में से एक है। उनके निधन के बाद, अनीस बज्मी, संजय मिश्रा, राजपाल यादव, अनुपम खेर, रजा मुराद और फिल्म निर्माता संजय गुप्ता ने मुश्ताक खान को श्रद्धांजलि दी।
अनुपम खेर ने मुश्ताक खान को याद किया
अनुपम खेर ने भी मुश्ताक खान को श्रद्धांजलि दी और ‘दिल है कि मानता नहीं’ (1991), ‘गुमराह’ (1993), ‘जब प्यार किसी से होता है’ (1998) और ‘जोड़ी नंबर 1’ (2001) जैसी मशहूर फिल्मों में साथ काम करने के दौरान बनी यादों को ताजा किया। एक भावुक नोट शेयर करते हुए खेर ने लिखा, “मुश्ताक खान साहब के साथ काम करने से कई खूबसूरत यादें बनीं। उनके निधन की खबर सुनकर वे सभी दिन मेरी आंखों के सामने ताजा हो गए। मेरी गहरी संवेदनाएं उनके बेटे मोहसिन और पूरे परिवार के साथ हैं।”
अनीस बज्मी ने अपने ‘बालू’ को किया याद
‘वेलकम’ फिल्म के निर्देशक अनीस बज्मी ने सोशल मीडिया पर मुश्ताक खान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। फिल्म निर्माता ने अभिनेता की एक तस्वीर पोस्ट की और 2007 की कॉमेडी फिल्म में अपने प्यारे ‘बालू’ के रूप में उन्हें याद किया। बज्मी ने लिखा, “मुश्ताक भाई (मेरे बालू) के निधन से हैरान और स्तब्ध हूं। सचमुच एक बेहतरीन कलाकार और नेक इंसान। अल्लाह उनकी आत्मा को शांति दे और उनके परिवार और चाहने वालों को हिम्मत दे।”
संजय मिश्रा ने मुश्ताक खान को अपना गार्जियन बताया
अभिनेता संजय मिश्रा ने भी मुश्ताक खान के साथ अपने व्यक्तिगत जुड़ाव के बारे में बात करते हुए उस समय को याद किया जब खान उनके लिए एक गार्जियन की तरह बन गए थे। ANI से बात करते हुए मिश्रा ने कहा, “मेरी जिंदगी में एक समय पर वह गार्जियन बन गए थे, जब भी मुझे जरूरत पड़ती थी, मैं उनसे सलाह ले लेता था, दुखद खबर है, वह एक बहुत अच्छे कलाकार थे, लेकिन उन्हें उतना क्रेडिट नहीं मिला। मैंने उनके साथ ‘वेलकम’ में काम किया था, उन्होंने मुझे पूरा दुबई घुमाया था।”
राजपाल यादव ने मुश्ताक खान के साथ अपनी आखिरी मुलाकात को याद किया
गुरुवार दोपहर मुश्ताक खान से मिलने के बाद राजपाल यादव ने एक बहुत ही भावुक याद शेयर की। उन्होंने अपनी मुलाकात का एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें खान अस्पताल के बिस्तर पर उनका हाथ पकड़े हुए दिखाई दे रहे थे। दिवंगत एक्टर को याद करते हुए राजपाल ने कहा, “मुझे अभी भी यकीन नहीं हो रहा है कि जिस व्यक्ति से मैं सिर्फ दो घंटे पहले मिला और हाथ मिलाया, वह अब हमारे बीच नहीं है।” बाद में उन्होंने खान को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “हम सभी ईश्वर की इच्छा के आगे नतमस्तक हैं। मुश्ताक भाई एक लोकप्रिय व्यक्ति और चहेते एक्टर थे, हैं और हमेशा रहेंगे। बहुत दुखी मन से, मैं आपको अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।” बाद में राजपाल ने वीडियो हटा दिया और उसकी जगह मुश्ताक खान की एक तस्वीर शेयर की।
मुश्ताक खान ऐसे मिलने वाले आखिरी शख्स रजा मुराद
बॉलीवुड अभिनेता रजा मुराद वो आखिरी शख्स हैं जो एक्टर के निधन से ठीक पहले उनसे मिले थे। उन्होंने दिवंगत अभिनेता को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, ‘एक बहुत ही अफसोसनाक खबर मैं आपको सुनाने जा रहा हूं। हमारे बहुत ही करीबी दोस्त, बेहतरीन कलाकार, फनकार, बहुत ही अच्छे इंसान, मुश्ताक खान आज हमारे बीच नहीं हैं। आज शाम को 7 बजकर 10 मिनट पर उन्होंने लीलावती अस्पताल में अपनी आखिरी सांसें लीं। काफी दिनों से वो बीमार चल रहे थे, लेकिन उसके बावजूद काम करते रहते थे। इस बीमारी में भी काम करते रहे। बहुत ही बासलाहियत अदाकार थे। कटनी से आए थे। उनके पास किसी का कोई सिफारशी खत नहीं था। अगर उनके पास कुछ था तो उनकी सलाहियत थी, उनका टैलेंट था, उनकी हिम्मत थी। उन्होंने दर्शकों के दिल में अपनी बहुत अच्छी जगह बनाई। और एक बड़ा अच्छा उनका खानदान उनके साथ था।
इसके आगे उन्होंने कहा, ‘लेकिन वही होता है जो ऊपर वाले को मंजूर होता है। उसकी मर्जी के आगे तो हमें सर झुकाना पड़ता है। बहरहाल, हमने एक बहुत अच्छा दोस्त खो दिया, एक बहुत ही बासलाहियत अदाकार खो दिया और एक बेहतरीन इंसान खो दिया।”
संजय गुप्ता ने मुश्ताक खान को श्रद्धांजलि दी
फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने भी मुश्ताक खान को याद किया। श्रद्धांजलि देते हुए गुप्ता ने लिखा, “मुश्ताक भाई, आपकी आत्मा को शांति मिले। आपके साथ काम करना मेरे लिए सम्मान और खुशी की बात थी। आपके बारे में सोचने से हमेशा मेरे चेहरे पर मुस्कान आ जाती थी। आपके शानदार अभिनय के लिए धन्यवाद।”
हिंदी सिनेमा में मुश्ताक खान का करियर
मुश्ताक खान ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1980 में ‘अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है’ फिल्म से की थी। इसके बाद वे ‘वेलकम’, ‘गदर: एक प्रेम कथा’, ‘अकेले हम अकेले तुम’ और ‘हम हैं राही प्यार के’ जैसी कई यादगार फिल्मों में नजर आए।
‘वेलकम’ फिल्म में उनका किरदार काफी लोकप्रिय रहा। फिल्म में उनका “मेरी एक टांग नकली है” डायलॉग वाला कॉमिक सीन फिल्म के सबसे यादगार पलों में से एक बन गया। उनकी एक्टिंग और कॉमिक टाइमिंग ने ‘बालू’ के किरदार को यादगार बना दिया।
56 साल की उम्र में मुश्ताक खान का निधन
कैंसर से जूझने के बाद गुरुवार, 24 सितंबर को 56 साल की उम्र में मुश्ताक खान का निधन हो गया। बीमारी के दोबारा उभरने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके चलते वे पिछले करीब 15 दिनों से नानावटी अस्पताल में इलाज करवा रहे थे।



