Chaksu Hailstorm Photos: राजस्थान की राजधानी जयपुर में मौसम ने ऐसा पलटा खाया कि लोग गर्मी भूलकर कश्मीर की यादों में खो गए। जयपुर के पास ग्रामीण क्षेत्र चाकसू (Chaksu) में शनिवार को ऐसी जबरदस्त ओलावृष्टि (Hailstorm) हुई कि देखते ही देखते घर की बालकनी और आंगन सफेद चादर से ढक गए।

बालकनी में बिछ गया ‘सफेद समंदर’
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इन Exclusive तस्वीरों में देखा जा सकता है कि ओले इतनी भारी मात्रा में गिरे हैं कि उन्हें समेटना मुश्किल हो गया। जब बारिश थमी और परिवार के लोग बाहर आए, तो मंजर देख उनके होश उड़ गए। बालकनी में ओलों का ढेर लग गया था, मानो जयपुर की तपती धरती पर कश्मीर की बर्फबारी उतर आई हो। परिवार के सदस्य इन ओलों को टोकरियों और बर्तनों में भरकर हटाते नजर आए।

अगले 48 घंटे भारी: मौसम विभाग का अलर्ट (Weather Update)
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में राज्य के ऊपर एक परिसंचरण तंत्र (Circulation System) सक्रिय है। इसका असर जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग में देखने को मिल रहा है।

- आज का हाल: 5 अप्रैल को जयपुर और आसपास के संभागों में कहीं-कहीं बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है।
- 7 अप्रैल का महा-अलर्ट: मौसम केंद्र जयपुर के मुताबिक, 7 अप्रैल को पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का सबसे ज्यादा असर दिखेगा। इस दौरान 50-60 KMPH की रफ्तार से आंधी, तेज मेघगर्जना और भारी ओलावृष्टि होने की प्रबल आशंका है।
सावधान रहें: प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है कि ओलावृष्टि और मेघगर्जना के समय पेड़ों के नीचे या कच्चे मकानों में शरण न लें।
जयपुर में हुआ भारी नुकसान
जयपुर में कल आए अंधड़ और बारिश ने और भी कई जगहों पर नुकसान किया है। जयपुर के वॉल सिटी इलाके में स्थित तत्कालेश्वर पुरी इलाके में करीब सौ साल पुराना एक पेड़ अंधड़ के चलते धराशायी हो गया। इस पेड़ के नीचे दो कारें और एक बाइक दब गई। गनीमत रही कि बाइक सवार को बचा लिया गया नहीं तो बड़ा नुकसान हो सकता था। क्षतिग्रस्त हो चुकी बाइक और एक कार को तो जैसे-तैसे निकाल लिया गया, लेकिन कार पूरी तरह से चकनाचूर हो गई। उसके उपर कई किलो वजनी लकड़ी का तना गिरा हुआ था। आज उसे काटकर हटाने की तैयारी की जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान किसी व्यक्ति को चोट नहीं लगी। स्थानीय लोगों ने बताया कि पेड़ काफी पुरान हो चला था। हर सीजन में उसे छांगते थे ताकि उसका वजन कम हो सके, किसी को भी अंदाजा नहीं था कि यह पेड़ इस तरह से गिर जाएगा।



