मुंबई: ट्रैफिक होगा छूमंतर! गोरेगांव खाड़ी पर बनेगा 418 करोड़ का केबल-स्टेड पुल, जानें पूरा प्लान

मुंबई: ट्रैफिक होगा छूमंतर! गोरेगांव खाड़ी पर बनेगा 418 करोड़ का केबल-स्टेड पुल, जानें पूरा प्लान

मुंबई की ट्रैफिक जाम से परेशान जनता के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। पश्चिमी उपनगरों में लगातार बढ़ती वाहनों की भीड़ और घंटों लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने गोरेगांव खाड़ी पर आधुनिक 6 लेन के केबल-स्टेड ब्रिज के निर्माण का फैसला लिया है। खास बात यह है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का काम अब शुरू भी हो चुका है।

418 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट का काम शुरू

बीएमसी के इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर करीब 418.53 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। माना जा रहा है कि इसके बनने से मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में यातायात व्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी और रोजाना लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम में बड़ी कमी आएगी।

ऐसा होगा मुंबई का नया केबल-स्टेड ब्रिज

जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित पुल की कुल लंबाई 542 मीटर होगी। इसमें सबसे खास हिस्सा 238 मीटर का केबल-स्टेड डिजाइन होगा, जिसे आधुनिक तकनीक से तैयार किया जाएगा। इस डिजाइन की मदद से खाड़ी के समुद्री पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाते हुए पुल का निर्माण संभव हो सकेगा।

पुल की कुल चौड़ाई 28.55 मीटर तय की गई है। इसमें वाहनों के लिए 6 लेन बनाई जाएंगी। इसके अलावा पुल के दोनों तरफ 1.5 मीटर चौड़ा यूटिलिटी कॉरिडोर भी विकसित किया जाएगा, जिसका इस्तेमाल भविष्य में विभिन्न सेवा लाइनों और सुविधाओं के लिए किया जा सकेगा।

36 महीने में पूरा करने का लक्ष्य

बीएमसी ने इस परियोजना को तय समय में पूरा करने के लिए विस्तृत योजना तैयार की है। मानसून के महीनों को छोड़कर अगले 36 महीनों में निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अगर सभी तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं समय पर पूरी हुईं तो यह पुल अक्टूबर 2028 तक आम जनता के लिए यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।

अंधेरी सहित कई इलाकों में घटेगा ट्रैफिक

बीएमसी अधिकारियों का मानना है कि इस पुल के शुरू होने के बाद अंधेरी, ओशिवारा, लोखंडवाला और गोरेगांव जैसे व्यस्त इलाकों में वाहनों का दबाव काफी कम हो जाएगा। वर्तमान में इन क्षेत्रों में पीक ऑवर के दौरान लंबा ट्रैफिक जाम आम बात बन चुका है।

नया ब्रिज शुरू होने से यात्रियों का सफर तेज और आसान होगा, साथ ही ईंधन और समय दोनों की बचत होने की उम्मीद है। जानकारों का कहना है कि यह परियोजना सिर्फ ट्रैफिक कम करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मुंबई के शहरी विकास और कनेक्टिविटी को भी नई दिशा दे सकती है।

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