मुंबई में गणपति विसर्जन के अंतिम दिन निकली शोभायात्राओं के दौरान कई स्थानों पर ध्वनि का स्तर निर्धारित सीमा से काफी अधिक रहा और यह 107.8 डेसीबल तक पहुंच गया। गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘आवाज फाउंडेशन’ ने शनिवार को यह जानकारी दी। एनजीओ ने कहा कि रात 10 बजे से सुबह छह बजे के बीच शांत क्षेत्र में अधिकतम अनुमत ध्वनि स्तर 40 डेसीबल और आवासीय क्षेत्र में 45 डेसीबल है।
‘आवाज फाउंडेशन’ की संस्थापक सुमैरा अब्दुलअली ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि शनिवार रात कम से कम साढ़े 12 बजे तक तेज संगीत बजाया जाता रहा। उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से सभी राजनीतिक दलों ने ध्वनि नियमों का उल्लंघन जारी रखा और 103 डेसीबल तक की आवाज में संगीत बजाया तथा यह सिलसिला 26 सितंबर की रात कम से कम साढ़े 12 बजे तक जारी रहा।’’
अब्दुलअली ने पुलिस द्वारा डेसीबल मीटर लगाए जाने के तरीके पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि सड़क पर पुलिस के डेसीबल मीटर दिखाई नहीं दे रहे थे, लेकिन पूछताछ करने पर मुझे बताया गया कि डेसीबल मीटर टावरों पर लगाए गए थे।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘हालांकि ये टावर राजनीतिक बूथों से काफी दूरी पर नजर आए और उस स्थान से भी आगे थे जहां शोभायात्राओं ने वाद्य यंत्रों का इस्तेमाल बंद कर दिया था।’’
एनजीओ ने कहा कि इस साल अधिकतर गणेश मंडलों ने अपनी शोभायात्राओं में ट्रकों पर लगाए गए डीजे और लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल नहीं किया।
अधिकतर शोभायात्राओं में लाउडस्पीकर भी नहीं थे। यह एनजीओ वर्ष 2003 से गणपति उत्सव के दौरान ध्वनि स्तर का दस्तावेजीकरण कर रहा है। उसने 25 और 26 सितंबर को दर्ज किए गए ध्वनि स्तर की अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और मुंबई पुलिस आयुक्त को सौंपी है।
एनजीओ ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण नियम राज्य सरकारों को साल में अधिकतम 15 दिन रात 12 बजे तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की अनुमति देने के लिए अधिसूचित करने की इजाजत देते हैं, लेकिन रात 10 बजे से सुबह छह बजे के बीच शांत क्षेत्र के लिए 40 डेसीबल और आवासीय क्षेत्र के लिए 45 डेसीबल की निर्धारित सीमा में छूट नहीं देते। एनजीओ के अनुसार, ‘‘इसलिए आवासीय क्षेत्र में 45 डेसीबल से अधिक की सभी रीडिंग नियमों का उल्लंघन होंगी।’’
एनजीओ ने बताया कि उसने 2024 में ओपेरा हाउस में सबसे अधिक 115 डेसीबल का ध्वनि स्तर दर्ज किया था। 2023 में यह 114.7 डेसीबल, 2022 में 120.2 डेसीबल और 2021 में 93.1 डेसीबल था।
एनजीओ ने कहा कि 2025 में भारी बारिश के कारण ध्वनि स्तर की रीडिंग नहीं ली जा सकी।

