अलवर के सेंट्रल जेल में निषिद्ध सामग्री पहुंचने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 2 मई की रात जेल के हल्का नंबर-2 में स्टाफ टॉयलेट के पास जुराब में छिपाकर फेंका गया पैकेट बरामद हुआ। तलाशी में मल्टीविटामिन के डिब्बे के अंदर छिपाकर रखे गए 7 मोबाइल फोन और एक डेटा केबल मिली। सभी मोबाइल बिना सिम के थे, जिससे इनके अवैध इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है। मामले की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन मौके पर पहुंचा और पूरी कार्रवाई का वीडियो बनाकर सामग्री को जब्त कर सीलबंद किया गया। इसके बाद कोतवाली थाने में कारागृह अधिनियम की धारा 42 के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई है। हालांकि यह पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ महीनों में इसी तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं, जहां जेल परिसर में बाहर से पैकेट फेंककर मोबाइल पहुंचाए गए। हर बार पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की, लेकिन अब तक यह पता नहीं चल पाया है कि इन मोबाइलों को जेल के अंदर पहुंचाने वाले लोग कौन हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह भी है कि इतनी कड़ी निगरानी के बावजूद आखिर कैसे कोई बाहरी व्यक्ति जेल के अंदर तक पैकेट फेंकने में सफल हो रहा है। फिलहाल पुलिस जांच का दावा कर रही है, लेकिन सप्लायरों तक न पहुंच पाना बड़ी चुनौती बना हुआ है।


