Mirzapur के Vindhyachal Dham समेत तीन मंदिरों में 1.84 करोड़ श्रद्धालुओं ने टेका मत्था

Mirzapur के Vindhyachal Dham समेत तीन मंदिरों में 1.84 करोड़ श्रद्धालुओं ने टेका मत्था

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में विंध्याचल धाम समेत तीन प्रमुख मंदिरों में वर्ष 2025 में करीब 1.84 करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। यहां जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, विंध्याचल में धार्मिक पर्यटन का दायरा मां विंध्यवासिनी मंदिर से आगे बढ़कर संपूर्ण ‘विंध्य त्रिकोण’ तक विस्तारित हो रहा है।

मां विंध्यवासिनी, मां काली खोह और मां अष्टभुजा मंदिरों में वर्ष 2023 में करीब 1.15 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे थे हालांकि वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 1.84 करोड़ हो गई। इस तरह दो वर्षों में श्रद्धालुओं की संख्या में करीब 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। बयान के मुताबिक, विंध्य त्रिकोण की सदियों पुरानी परिक्रमा धार्मिक पर्यटन की नई पहचान बन रही है।

बयान में बताया गया कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शक्तिपीठ सर्किट विकसित कर इस धार्मिक मार्ग का विस्तार करने की दिशा में काम कर रही है। मां विंध्यवासिनी धाम में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी लगातार वृद्धि हुई है। बयान के मुताबिक, वर्ष 2023 में करीब 73 लाख श्रद्धालु यहां पहुंचे थे, जबकि 2024 में यह संख्या बढ़कर 78.15 लाख और 2025 में करीब 1.20 करोड़ हो गई।

इस तरह दो वर्षों में श्रद्धालुओं की संख्या में करीब 64 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। बयान के अनुसार, जनवरी से अगस्त 2026 के दौरान करीब 90 लाख श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी के दर्शन कर चुके थे। यह वर्ष 2025 में मंदिर पहुंचने वाले कुल श्रद्धालुओं की संख्या का करीब 75 प्रतिशत है।

यह आंकड़ा शारदीय नवरात्र से पहले का है। नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की आमद बढ़ने से दर्शनार्थियों की संख्या नया रिकॉर्ड बना सकती है। मां काली खोह और मां अष्टभुजा मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है।

वर्ष 2023 में इन दोनों मंदिरों में कुल करीब 42.36 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे, जबकि 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 64 लाख हो गया। इस तरह दो वर्षों में 51 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि विंध्याचल में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या विकास कार्यों के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि धाम को संपूर्ण शक्ति पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है और यह प्रदेश के विस्तारित शक्तिपीठ सर्किट का प्रमुख केंद्र बनेगा। पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि सरकार बेहतर संपर्क सुविधाओं, दर्शन व्यवस्था और सुव्यवस्थित यात्रा पैकेज के जरिए श्रद्धालुओं की यात्रा आसान बनाने पर जोर दे रही है। उन्होंने बताया कि इससे पर्यटकों के ठहरने की अवधि बढ़ने और स्थानीय कारोबारियों एवं समुदायों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

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