सहरसा पुलिस ने 13 वर्षीय स्कूली छात्र अंकित आनंद की गोली मारकर हत्या के मामले में तीन सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, वारदात का मुख्य उद्देश्य छात्र के अधिवक्ता पिता को निशाना बनाना था। हालांकि, प्रारंभिक जांच में भूमि विवाद की बात भी सामने आई है। घटना 18 फरवरी की दोपहर करीब 3:30 बजे सहरसा सदर थाना क्षेत्र के सिमराहा में हुई। अंकित आनंद अपने बड़े भाई ललित के साथ स्कूल से लौट रहा था। घर से करीब आधा किलोमीटर पहले ललित आगे निकल गया और अंकित पीछे रह गया। इसी दौरान बाइक सवार तीन बदमाशों ने पीछे से आकर उसकी कनपटी में सटाकर गोली मार दी और फरार हो गए। गंभीर हालत में उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 19 फरवरी की रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। एसपी के निर्देश पर एसआईटी गठित
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हिमांशु के निर्देश पर सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आलोक कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। जिला सूचना इकाई, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वायड की मदद ली गई। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विश्लेषण किया गया। चश्मदीदों के बयान के आधार पर बाइक, हेलमेट और कपड़ों की पहचान कर मुख्य आरोपी पवन कुमार तक पुलिस पहुंची। अपाचे बाइक और कपड़े बरामद
पुलिस ने संतोष ठाकुर और मंतोष ठाकुर को सिमराहा स्थित घर से गिरफ्तार किया, जबकि मुख्य आरोपी पवन कुमार को खगड़िया जिले के मानसी थाना क्षेत्र के रोहियार से पकड़ा गया। उसके पास से घटना के समय पहने गए कपड़े और हेलमेट बरामद किए गए। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल अपाचे मोटरसाइकिल जब्त की गई। सहयोगियों के कपड़े और जूते मधेपुरा जिले के पुरैनी गांव स्थित उनकी बहन के घर से बरामद हुए। मौका नहीं मिलने पर बेटे को मारा
एसपी हिमांशु के अनुसार आरोपियों का पहला निशाना अधिवक्ता अनुज कुमार निराला थे, लेकिन भीड़भाड़ वाले इलाके में रहने और नियमित दिनचर्या के कारण उन्हें मौका नहीं मिला। इसके बाद बेटे को निशाना बनाने की योजना बनाई गई। घटना के दिन पहले बड़े बेटे को मारने की योजना थी, लेकिन वह आगे निकल गया और पीछे आ रहे अंकित को गोली मार दी गई। हत्या की वजह पर दो अलग-अलग दावे
पुलिस का कहना है कि सिमराहा में खरीदे गए एक भूखंड पर रास्ते को लेकर पुराना भूमि विवाद चल रहा था, जो इस हत्या की वजह बना। वहीं मृतक के पिता अधिवक्ता अनुज कुमार निराला ने कहा है कि उनका आरोपियों से कोई जमीन विवाद नहीं था। उनका दावा है कि वे एक मामले की पैरवी कर रहे थे और केस से हटने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा था। मुख्य आरोपी का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी पवन कुमार के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें आर्म्स एक्ट का मामला भी शामिल है। अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है और इनाम घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अंकित आनंद दो भाइयों में छोटा था। उसके पिता सहरसा सिविल कोर्ट में पिछले सात वर्षों से अधिवक्ता हैं। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है और स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। पिता ने गिरफ्तारी पर पुलिस को धन्यवाद दिया है, लेकिन पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच की मांग भी की है। सहरसा पुलिस ने 13 वर्षीय स्कूली छात्र अंकित आनंद की गोली मारकर हत्या के मामले में तीन सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, वारदात का मुख्य उद्देश्य छात्र के अधिवक्ता पिता को निशाना बनाना था। हालांकि, प्रारंभिक जांच में भूमि विवाद की बात भी सामने आई है। घटना 18 फरवरी की दोपहर करीब 3:30 बजे सहरसा सदर थाना क्षेत्र के सिमराहा में हुई। अंकित आनंद अपने बड़े भाई ललित के साथ स्कूल से लौट रहा था। घर से करीब आधा किलोमीटर पहले ललित आगे निकल गया और अंकित पीछे रह गया। इसी दौरान बाइक सवार तीन बदमाशों ने पीछे से आकर उसकी कनपटी में सटाकर गोली मार दी और फरार हो गए। गंभीर हालत में उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 19 फरवरी की रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। एसपी के निर्देश पर एसआईटी गठित
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हिमांशु के निर्देश पर सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आलोक कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। जिला सूचना इकाई, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वायड की मदद ली गई। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विश्लेषण किया गया। चश्मदीदों के बयान के आधार पर बाइक, हेलमेट और कपड़ों की पहचान कर मुख्य आरोपी पवन कुमार तक पुलिस पहुंची। अपाचे बाइक और कपड़े बरामद
पुलिस ने संतोष ठाकुर और मंतोष ठाकुर को सिमराहा स्थित घर से गिरफ्तार किया, जबकि मुख्य आरोपी पवन कुमार को खगड़िया जिले के मानसी थाना क्षेत्र के रोहियार से पकड़ा गया। उसके पास से घटना के समय पहने गए कपड़े और हेलमेट बरामद किए गए। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल अपाचे मोटरसाइकिल जब्त की गई। सहयोगियों के कपड़े और जूते मधेपुरा जिले के पुरैनी गांव स्थित उनकी बहन के घर से बरामद हुए। मौका नहीं मिलने पर बेटे को मारा
एसपी हिमांशु के अनुसार आरोपियों का पहला निशाना अधिवक्ता अनुज कुमार निराला थे, लेकिन भीड़भाड़ वाले इलाके में रहने और नियमित दिनचर्या के कारण उन्हें मौका नहीं मिला। इसके बाद बेटे को निशाना बनाने की योजना बनाई गई। घटना के दिन पहले बड़े बेटे को मारने की योजना थी, लेकिन वह आगे निकल गया और पीछे आ रहे अंकित को गोली मार दी गई। हत्या की वजह पर दो अलग-अलग दावे
पुलिस का कहना है कि सिमराहा में खरीदे गए एक भूखंड पर रास्ते को लेकर पुराना भूमि विवाद चल रहा था, जो इस हत्या की वजह बना। वहीं मृतक के पिता अधिवक्ता अनुज कुमार निराला ने कहा है कि उनका आरोपियों से कोई जमीन विवाद नहीं था। उनका दावा है कि वे एक मामले की पैरवी कर रहे थे और केस से हटने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा था। मुख्य आरोपी का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी पवन कुमार के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें आर्म्स एक्ट का मामला भी शामिल है। अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है और इनाम घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अंकित आनंद दो भाइयों में छोटा था। उसके पिता सहरसा सिविल कोर्ट में पिछले सात वर्षों से अधिवक्ता हैं। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है और स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। पिता ने गिरफ्तारी पर पुलिस को धन्यवाद दिया है, लेकिन पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच की मांग भी की है।


