झांसी में संसदीय अध्ययन समिति की बैठक में शुक्रवार को झांसी और ललितपुर जिले जनप्रतिनिधि और आला अधिकारी शामिल हुए। सभापति किरण पाल कश्यप ने इस मौके पर कहा कि विभागीय अधिकारी ये सुनिश्चित करें कि जिस मुद्दे को लेकर जनप्रतिनिधियों ने पत्र लिखा है, उसका निलिख जवाब दें। बैठक कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में अयोजित की गई, जिसमें विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन, जिलाधिकारी झांसी मृदुल चौधरी, जिलाधिकारी ललितपुर सत्य प्रकाश, समीक्षा अधिकारी सौरभ दीक्षित समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। समीक्षा बैठक में सभापति ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को समन्वय स्थापित कर काम करना होगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आप अपने जिलों में ये सुनिश्चित करें कि सरकार की लाभकारी योजनाओं का लाभ अपात्रों को तो नहीं मिल रहा। साथ ही उन्होंने कहा कि अंत्योदय राशनकार्ड धारकों का सत्यापन कराकर ऐसे लोगों को बाहर करें, जो योजना के पात्र नहीं हैं। वहीं, ऐसे लोगों को योजना में जोड़ें, जिन्हें वाकई जरूरत है। उन्होंने कहा कि अधिकारी ये भी सुनिश्चित करें कि जो जनप्रतिनिधि पत्र लिखकर किसी समस्या का समाधान करने की बात कह रहे हैं, उनके पत्र को गंभीरता से लेकर उसका स्थाई समाधान करें। पत्र का जवाब देने के साथ ही शासन को भी पत्र लिखकर निस्तारण से अवगत कराएं। कहा कि हम और आप एक दूसरे के पूरक हैं। ऐसे में जो पैसा विकास के कार्यों के लिए आवंटित हो उसका लाभ वरीयता के आधार पर ऐसे क्षेत्रों को मिले, पिछड़े हुए हैं। नए बजट को एक महीना रह गया, पुराने का 45% इस्तेमाल हुआ संसदीय अध्ययन समिति के सभापति किरण पाल कश्यप ने झांसी और ललितपुर के बजट की जानकारी ली तो पता चला कि जिले में सिर्फ 40-45 प्रतिशत बजट ही इस्तेमाल हुआ है। ऐसे में उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि नए बजट को आवंटित होने में केवल एक महीना है। फरवरी में नया बजट लागू हो जाएगा। झांसी-ललितपुर के जिलाधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि अपने जिले में विभागवार समीक्षा कराएं कि विकास कार्यों के लिए आवंटित बजट को खर्च क्यों नहीं किया गया।


