हापुड़ में बुधवार को ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बुलाए गए मेडिकल स्टोर बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला। शहर के थोक दवा विक्रेता प्रतिष्ठान बंद रहे, जबकि कई खुदरा दुकानों पर दवाओं की बिक्री सामान्य रूप से जारी रही। इस बंद को लेकर जिले के दो प्रमुख केमिस्ट संगठनों के अलग-अलग रुख सामने आए। धरना प्रदर्शन कर जताया विरोध हापुड़ केमिस्ट एसोसिएशन ने ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (AIOCD) और ओसीडी यूपी के आह्वान पर इस बंद का समर्थन किया। एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष राजेंद्र गुर्जर ने बताया कि ऑनलाइन दवा बिक्री से ऑफलाइन मेडिकल स्टोर संचालकों की आजीविका पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि बड़ी ऑनलाइन कंपनियों के कारण छोटे व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इस संबंध में, एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी कविता मीणा से मुलाकात कर प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ऑनलाइन दवा बिक्री पर नियंत्रण लगाने और स्थानीय मेडिकल व्यापारियों के हितों की रक्षा करने की मांग की गई। कुछ रिटेल काउंटर खुले रहे वहीं, दूसरी ओर हापुड़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने अपने मेडिकल स्टोर खुले रखने का निर्णय लिया। संगठन के अध्यक्ष दिनेश त्यागी और महामंत्री विकास गर्ग ने स्पष्ट किया कि आम लोगों को समय पर दवाएं उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसी उद्देश्य से मेडिकल स्टोर खोलने का फैसला लिया गया। बंद के कारण शहर में दिनभर असमंजस की स्थिति बनी रही, और मरीज तथा उनके परिजन दवाएं लेने के लिए खुले मेडिकल स्टोर तलाशते नजर आए।


