सहरसा के कहरा प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बसदेवा में मध्याह्न भोजन में कथित तौर पर छिपकली मिलने और भोजन करने के बाद 25 बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने की घटना पर शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के निर्देश पर रविवार को विद्यालय के प्रधानाध्यापक ब्रजेन्द्र कुमार को निलंबित कर दिया गया। वहीं, विद्यालय में भोजन बनाने वाले तीनों रसोइयों को सेवा-मुक्त करने का निर्देश दिया गया है। दोषी व्यक्तियों को चिन्हित करें- मंत्री शिक्षा मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सहरसा के जिलाधिकारी से दूरभाष पर बात की। उन्होंने घटना की विस्तृत जांच कर दोषी व्यक्तियों को चिन्हित करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। तीन सदस्यीय जांच टीम गठित मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए जिलाधिकारी को तीन सदस्यीय जांच टीम गठित करने का निर्देश दिया गया है। जांच के आधार पर स्पष्ट प्रतिवेदन उपलब्ध कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने को कहा गया है। 144 स्कूलों को भेजा गया था भोजन जिला शिक्षा पदाधिकारी, सहरसा के प्रतिवेदन के अनुसार, 12 सितंबर को कहरा स्थित भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर दलित उत्थान एवं शिक्षा समिति के केंद्रीयकृत रसोईघर से जिले के 144 विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की आपूर्ति की गई थी। इस आपूर्ति से संबंधित सभी 144 विद्यालयों के विपत्र की राशि में कटौती की गई है। मध्याह्न भोजन योजना के स्तर पर भी कार्रवाई मामले में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मध्याह्न भोजन योजना के स्तर पर स्पष्टीकरण की कार्रवाई की गई है। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जांच में आपूर्ति, भोजन की गुणवत्ता, निगरानी या फॉलो-अप में किसी पदाधिकारी या कर्मी की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए। बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मध्याह्न भोजन योजना के तहत बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। रसोई से लेकर आपूर्ति तक होगी निगरानी मंत्री ने भोजन की गुणवत्ता, रसोईघर की स्वच्छता और पूरी आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी सख्त करने का निर्देश दिया है। उन्होंने मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक को भी पूरे मामले की गंभीरता से निगरानी करने को कहा है। लापरवाही मिलने पर होगी कार्रवाई शिक्षा मंत्री ने कहा कि जांच में जिस स्तर पर भी लापरवाही सामने आएगी, वहां जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मध्याह्न भोजन योजना के निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन कराने के लिए विभागीय निगरानी जारी रहेगी। सहरसा के कहरा प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बसदेवा में मध्याह्न भोजन में कथित तौर पर छिपकली मिलने और भोजन करने के बाद 25 बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने की घटना पर शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के निर्देश पर रविवार को विद्यालय के प्रधानाध्यापक ब्रजेन्द्र कुमार को निलंबित कर दिया गया। वहीं, विद्यालय में भोजन बनाने वाले तीनों रसोइयों को सेवा-मुक्त करने का निर्देश दिया गया है। दोषी व्यक्तियों को चिन्हित करें- मंत्री शिक्षा मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सहरसा के जिलाधिकारी से दूरभाष पर बात की। उन्होंने घटना की विस्तृत जांच कर दोषी व्यक्तियों को चिन्हित करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। तीन सदस्यीय जांच टीम गठित मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए जिलाधिकारी को तीन सदस्यीय जांच टीम गठित करने का निर्देश दिया गया है। जांच के आधार पर स्पष्ट प्रतिवेदन उपलब्ध कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने को कहा गया है। 144 स्कूलों को भेजा गया था भोजन जिला शिक्षा पदाधिकारी, सहरसा के प्रतिवेदन के अनुसार, 12 सितंबर को कहरा स्थित भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर दलित उत्थान एवं शिक्षा समिति के केंद्रीयकृत रसोईघर से जिले के 144 विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की आपूर्ति की गई थी। इस आपूर्ति से संबंधित सभी 144 विद्यालयों के विपत्र की राशि में कटौती की गई है। मध्याह्न भोजन योजना के स्तर पर भी कार्रवाई मामले में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मध्याह्न भोजन योजना के स्तर पर स्पष्टीकरण की कार्रवाई की गई है। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जांच में आपूर्ति, भोजन की गुणवत्ता, निगरानी या फॉलो-अप में किसी पदाधिकारी या कर्मी की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए। बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मध्याह्न भोजन योजना के तहत बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। रसोई से लेकर आपूर्ति तक होगी निगरानी मंत्री ने भोजन की गुणवत्ता, रसोईघर की स्वच्छता और पूरी आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी सख्त करने का निर्देश दिया है। उन्होंने मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक को भी पूरे मामले की गंभीरता से निगरानी करने को कहा है। लापरवाही मिलने पर होगी कार्रवाई शिक्षा मंत्री ने कहा कि जांच में जिस स्तर पर भी लापरवाही सामने आएगी, वहां जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मध्याह्न भोजन योजना के निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन कराने के लिए विभागीय निगरानी जारी रहेगी।

