MP News: संकरी गलियों और ट्रैफिक जाम की समस्या अब धीरे-धीरे इतिहास बन रही है। मास्टर प्लान 2035 सिर्फ एक नक्शा नहीं, बल्कि ग्वालियर के भविष्य का पूरा ब्लूप्रिंट है। इसके तहत शहर में सड़क चौड़ीकरण का काम तेजी से शुरू हो चुका है। अतिक्रमण हटाकर रास्ते साफ किए जा रहे हैं, जिससे व्यवस्थित कॉलोनियां, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक शहर की नींव पड़ रही है। शहर के कई व्यस्त मार्गों पर काम जोरों पर है। प्रमुख सड़कें चौड़ी हो रही हैं, जिससे ट्रैफिक दबाव कम होगा और आवागमन आसान बनेगा।
पार्किंग समस्या का स्थायी समाधान
शहर में पार्किंग की कमी दूर करने के लिए बड़े प्लान तैयार हैं। मास्टर प्लान-2035 के तहत निगम सीमा क्षेत्र में कटोरताल, महाराज बाड़ा मल्टी पार्किंग, सिटी सेंटर, जयेंद्रगंज और एमएलबी कॉलेज के आसपास मल्टी-लेवल और पर्याप्त पार्किंग स्पेस बनाए जाएंगे।
अब एक लाइन में बनेंगे मकान
मनमर्जी से निर्माण पर रोक लग जाएगी। सभी भवन तय मानकों के अनुसार बनेंगे। परिणामस्वरूप शहर में मकान एक सीध में व्यवस्थित दिखाई देंगे और अव्यवस्थित निर्माण की समस्या खत्म हो जाएगी।
नगर निगम की स्कीम
केंद्र और राज्य सरकार की विशेष योजनाओं के तहत शहर की सभी प्रमुख सड़कें चौड़ी की जाएंगी। जोनल प्लान और मेट्रोपॉलिटन प्लान लागू होने से भी सड़क चौड़ीकरण को गति मिलेगी। फिलहाल 500 करोड़ रुपये की लागत से तीनों विधानसभा क्षेत्रों में सड़क चौड़ीकरण का काम होगा।
गांव सीधे जुड़ेंगे शहर से
ग्रामीण क्षेत्र भी विकास की मुख्यधारा में आएंगे। जड़ेरूआ-बहादुरपुर और खुरैरी-गुहीसर मार्ग बनने से गांव सीधे शहर की मुख्य सड़कों से जुड जाएंगे, जिससे आवागमन आसान और तेज होगा।
कई सुविधाएं मिलेंगी
मास्टर प्लान की कुछ सड़कों के चौड़ीकरण का कार्य भी जारी है। इसका लाभ शहर की जनता को आगे चलकर मिलेगा। पार्किंग सहित अन्य कई सुविधाएं लोगों को मिलेंगी। संघप्रिय, आयुक्त नगर निगम
इन सड़कों पर पहले फोकस
- नाका चंद्रवदनी से विक्की फैक्ट्री तिराहा तक चौड़ीकरण जारी
- आदर्श मिल से कटी घाटी रोड पर अतिक्रमण हटाकर रास्ता साफ
- लक्कडख़ाना पुल बनने से महाराज बाड़ा, ईदगाह, रॉक्सी पुल, सिकंदर कंपू और माधौगंज क्षेत्र को बड़ी राहत
- किलागेट-हजीरा-गोला का मंदिर मार्ग चौड़ा होने से चार शहर का नाका, तानसेन नगर और पड़ाव रोड का दबाव घटेगा
- गोला का मंदिर, मुरार, बिरला नगर, भिंड रोड और रेलवे स्टेशन से जुड़े मार्गों पर ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह बदलेगी
- सिटी सेंटर, आरआर टावर और मोतीझील जैसे इलाकों में 30 से 60 मीटर चौड़ी सड़कें बनेंगी। इससे नए संपर्क मार्ग खुलेंगे और वैकल्पिक रास्तों का मजबूत नेटवर्क बनेगा।


