मारुति सुजुकी इंडिया ने शुक्रवार को कहा कि उसने गुजरात और हरियाणा के दो विनिर्माण संयंत्रों में स्थिति रेलवे टर्मिनल के जरिये 10 लाख वाहनों की ढुलाई की है। यह आंकड़ा इन संयंत्रों में विशेष परिवहन लाइन शुरू करने के तीन साल से कुछ अधिक समय में हासिल किया गया। हंसलपुर (गुजरात) संयंत्र स्थित रेलवे साइडिंग से परिचालन मार्च 2023 में जबकि मानेसर (हरियाणा) रेलवे साइडिंग से परिचालन जून 2025 में शुरू हुआ था।
वाहन कंपनी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में रेल आधारित कुल वाहन ढुलाई में से 70 प्रतिशत इन दो संयंत्र स्थित रेलवे साइडिंग के माध्यम से की गई है। उसका मध्यम अवधि का लक्ष्य वित्त वर्ष 2030-31 तक कुल ढुलाई में रेल हिस्सेदारी को बढ़ाकर 35 प्रतिशत करने का है। कंपनी ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में 31 अगस्त तक उसकी रेल आधारित वाहन ढुलाई तीन लाख इकाइयों के आंकड़े को पार कर चुकी है।
विनिर्माण केंद्र के भीतर स्थित रेलवे टर्मिनल से माल को संयंत्र के अंदर ही मालगाड़ियों में लादने की सुविधा मिलती है। इससे आपूर्ति नेटवर्क में प्रवेश करने के लिए निकटतम रेलवे स्टेशनों तक वाहनों को ट्रकों से ले जाने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है। कंपनी ने बताया कि अब तक हुई कुल 10 लाख इकाइयों की ढुलाई में लगभग 7.9 लाख वाहन गुजरात रेलवे साइडिंग के जरिये भेजे गए, जबकि मानेसर रेलवे साइडिंग से 2.1 लाख वाहनों का परिवहन किया गया।
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हिसाशी ताकेउची ने कहा, हमारे संयंत्र स्थित रेलवे साइडिंग के जरिये कुल 10 लाख वाहनों की ढुलाई का आंकड़ा छूना हरित लॉजिस्टिक यात्रा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत विकसित ये साइडिंग दर्शाती हैं कि कैसे एकीकृत मल्टी-मॉडल बुनियादी ढांचा परिचालन दक्षता और पर्यावरणीय लाभ दोनों प्रदान कर सकता है। मारुति सुजुकी अपने विनिर्माण संयंत्रों में रेलवे साइडिंग स्थापित करने वाली भारत की पहली और एकमात्र यात्री वाहन विनिर्माता कंपनी है।
कंपनी ने कहा कि संयंत्र स्थित इन सुविधाओं के जरिये वाहनों के परिवहन को सड़क से रेल पर स्थानांतरित करने से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को रोकने, ईंधन की खपत घटाने और सड़कों पर भीड़भाड़ को कम करने में मदद मिली है।

