Maratha Reservation: मराठा आरक्षण आंदोलन के बीच जरांगे पाटिल को झटका, सरकार ने कहा- अब कोई और विकल्प नहीं

Maratha Reservation: मराठा आरक्षण आंदोलन के बीच जरांगे पाटिल को झटका, सरकार ने कहा- अब कोई और विकल्प नहीं

मुंबई। मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल की भूख हड़ताल का मंगलवार को 11वां दिन है। इस बीच महाराष्ट्र के मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने साफ किया कि जरांगे पाटिल से मिलने के लिए सरकार कोई प्रतिनिधिमंडल नहीं भेजेगी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को हल करने के लिए सरकार अपनी ओर से सभी जरूरी कदम उठा चुकी है। हालांकि मंत्री उदय सामंत और भाजपा विधायक प्रसाद लाड के साथ आधी रात को फोन पर हुई बातचीत के बाद जरांगे पाटिल ने अपना चिकित्सा उपचार फिर से शुरू कर दिया है, लेकिन वे आरक्षण लागू करने की अपनी मुख्य मांगों पर अब भी अड़े हुए हैं।

सरकार ने सभी जरूरी कदम उठाए

मराठा आरक्षण से जुड़ी मंत्रिमंडल की उप-समिति के अध्यक्ष राधाकृष्ण विखे पाटिल ने जरांगे पाटिल के रुख पर कहा कि उन्हें अपनी बात पर कायम रहने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि सरकार ने मराठा समुदाय के व्यापक हित में अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा किया है। विखे पाटिल ने कहा कि अगर जरांगे पाटिल अपनी मांगों पर अड़े रहते हैं तो यह उनका फैसला है। सरकार ने अपनी ओर से सभी जरूरी कदम उठाए हैं, लेकिन इसके बावजूद वे असंतुष्ट हैं। सरकार बाकी चिंताओं को दूर करने की कोशिश कर रही है और लिए गए फैसलों को लागू करने का काम भी चल रहा है।

राज्य की प्रगति का उल्लेख किया

उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके पास जरांगे पाटिल को संतुष्ट करने के लिए कोई और विकल्प नहीं है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की आलोचना पर विखे पाटिल ने ऐतिहासिक रिकॉर्ड जुटाने में राज्य की प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर 58 लाख कुनबी रिकॉर्ड मिले हैं। कुल 520 आवेदनों में से 240 आवेदन प्रमाण पत्र प्राप्त करने से जुड़े थे। वंशावली के विवरण का सत्यापन होने के साथ ही प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया चल रही है।

मराठा समुदाय के लिए काफी काम हुआ

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ साल में मौजूदा नेतृत्व के तहत लिए गए फैसलों से मराठा समुदाय के लिए काफी काम हुआ है। मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ठाकरे के मुख्यमंत्री रहते मराठा आरक्षण खत्म हो गया था। विखे पाटिल ने जरांगे पाटिल से अल्टीमेटम देने के बजाय सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों को समझने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार इस दिशा में कदम उठा रही है और उसे जरांगे पाटिल की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति शिंदे अभी संभाजीनगर में ऐतिहासिक रिकॉर्ड की जांच की निगरानी कर रहे हैं। विखे पाटिल ने उम्मीद जताई कि जरांगे पाटिल आगे का रास्ता तय करने में सरकार की मदद करेंगे।

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