नागरकुर्नूल से कांग्रेस के लोकसभा सांसद मल्लू रवि ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली वाली जगह पर किए गए शुद्धिकरण अनुष्ठान के बाद तुरंत कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मल्लू रवि ने बताया कि अनुसूचित जाति समुदाय से आने वाले और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने 8 अगस्त, 2026 को नैनीताल जिले के हल्द्वानी में रामलीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया था।
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सांसद ने आरोप लगाया कि 10 अगस्त, 2026 को ‘श्री राम धर्मार्थ सेवा न्यास’ के अध्यक्ष गिरीश चंद्र पांडे ने 15 अज्ञात लोगों के साथ मिलकर यज्ञ और गंगाजल का इस्तेमाल करके उस जगह की तथाकथित “शुद्धि” करने की साजिश रची। मल्लू रवि के अनुसार, यह रस्म भारत के संविधान का अपमान करने और सभी नागरिकों को मिले समानता और सम्मान के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने के इरादे से जान-बूझकर की गई हरकत थी। उन्होंने टीवी समाचारों और अखबारों के ज़रिए इस घटना पर नज़र रखी और कहा कि इससे छुआछूत और जातिवाद के लगातार चलन को लेकर बड़े पैमाने पर गुस्सा और चिंता पैदा हुई है।
अपनी शिकायत में मल्लू रवि ने कहा कि इससे शिकायतकर्ता, अनुसूचित जाति समुदाय और उन सभी लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँची है जो देश की सामाजिक एकता और राष्ट्रीय अखंडता के विचारों में विश्वास रखते हैं। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि गिरीश चंद्र पांडे और 15 अन्य अज्ञात लोगों ने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के सदस्यों का अपमान करने के इरादे से, सबके सामने और प्रचार के मकसद से, उन्हें नीचा दिखाने के लिए रामलीला मैदान में यज्ञ किया/गंगाजल छिड़का और मैदान का अपमानजनक और निंदनीय ‘शुद्धिकरण’ किया। इस तरह उन्होंने भारत और विदेशों में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लोगों और सामाजिक एकता में विश्वास रखने वाले लोगों का सार्वजनिक रूप से अपमान करने का आपराधिक कृत्य किया।
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सांसद ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत इसमें शामिल लोगों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि आरोपियों के कृत्य देश की एकता और अखंडता के खिलाफ हैं और सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाते हैं। यह SC/ST अधिनियम, 1989 के तहत दंडनीय अपराधों की श्रेणी में आता है। इसलिए, आपसे अनुरोध है कि इस मामले में तुरंत केस दर्ज करें, जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करें और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करें।
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