लखनऊ के राज बिसारिया प्रेक्षागृह में ‘तारतेन्दु नाट्य स्वर्ण जयंती समारोह’ के तहत एक विशेष संगीत और रंगमंचीय प्रस्तुति ‘मालन अलबेली’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पद्मश्री से सम्मानित लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने अपनी जीवन कहानी को एकल प्रस्तुति के माध्यम से मंच पर प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों को प्रभावित किया। ‘मालन अलबेली’ मालिनी अवस्थी के व्यक्तिगत संघर्षों और चुनौतियों के बीच अपने सपनों को साकार करने की यात्रा को दर्शाती है। यह प्रस्तुति उनके जीवन के उतार-चढ़ावों और हर बाधा को पार कर आगे बढ़ने की उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति पर केंद्रित थी। कहानियों ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ा प्रस्तुति में आशा, साहस और अपनी कला पर विश्वास का संदेश प्रमुखता से उभरा। प्रत्येक गीत के साथ जुड़ी कहानियों ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ा। यह कार्यक्रम मालिनी अवस्थी के अद्वितीय और प्रेरणादायक संगीतमय सफर को प्रस्तुत करता है। गायन में भारतीय संस्कृति और परंपरा की छाप दिखी पद्मश्री मालिनी अवस्थी भारतीय लोक संगीत की एक प्रतिष्ठित हस्ती हैं। उनके गायन में भारतीय संस्कृति और परंपरा की गहरी छाप दिखाई देती है। ‘मालन अलबेली’ के माध्यम से उन्होंने अपने जीवन के अनछुए पहलुओं, संघर्षों और संगीत यात्रा को दर्शकों के सामने रखा।यह मंच प्रस्तुति एकल थी, जिसमें मालिनी अवस्थी ने गायन, अभिनय और निर्देशन की तीनों भूमिकाएं निभाईं। संगीत, प्रकाश व्यवस्था और लेखन ने इस कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाया, जिससे दर्शकों को एक विशेष अनुभव प्राप्त हुआ।


