भोपाल में शराब दुकान हटाने मंत्री-विधायक भी अड़े:सेमराकलां-मंदाकिनी चौराहे के ठेके शिफ्ट होंगे; नई जगह तलाश रहे

भोपाल में शराब दुकान हटाने मंत्री-विधायक भी अड़े:सेमराकलां-मंदाकिनी चौराहे के ठेके शिफ्ट होंगे; नई जगह तलाश रहे

भोपाल में 5 शराब दुकानों की शिफ्टिंग का मामला तूल पकड़ रहा है। इन्हें हटाने के लिए हर रोज प्रदर्शन हो रहे हैं। मंत्री विश्वास सारंग और विधायक रामेश्वर शर्मा भी 2 दुकानें हटाने पर अड़े हैं। उन्होंने कलेक्टर और आबकारी अफसरों से बात भी की। ऐसे में सेमराकलां और मंदाकिनी चौराहे के ठेके जल्द ही नई जगह पर शिफ्ट हो सकते हैं। इसके लिए नई जगह भी तलाशी जा रही है। सेमराकलां की शराब दुकान को हटाने के लिए लोग पिछले सवा साल से प्रदर्शन कर रहे हैं। वे हर मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई में 54 बार शिकायत कर चुके हैं। हाल ही में नया ठेका हुआ, लेकिन दुकान नहीं हटी तो लोग भजन-कीर्तन कर रहे हैं। विरोध जता रहे जीतू मरेठिया ने बताया कि दुकान की शिफ्टिंग को लेकर मंत्री सारंग ने आबकारी अधिकारी से बात की है। नई जगह तलाशने के बाद दुकान हटाने का आश्वासन है। हालांकि, दुकान हटने से भजन-कीर्तन कर प्रदर्शन करते रहेंगे। गुरुवार को भी कई महिलाएं दुकान के सामने ही भजन-कीर्तन करती हुई नजर आई। सुरक्षा के लिहाज से यहां पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। प्रदर्शन के बाद मंदाकिनी चौराहे की दुकान भी हटेगी कोलार रोड स्थित मंदाकिनी चौराहे पर कुछ दिन पहले ही शराब की दुकान शिफ्ट हुई है। तभी से विरोध प्रदर्शन हो रहा है। जिस जगह दुकान है। वहां पर चौराहा है। ऐसे में हर रोज ट्रैफिक जाम हो रहा है। पीछे जैन मंदिर और रहवासी इलाका भी है। इस वजह से कांग्रेसी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। दूसरी ओर, विधायक शर्मा ने भी इस शराब दुकान को लेकर विरोध जताया है। उन्होंने दुकान हटाने के लिए की कलेक्टर से बात की है। विधायक ने इसे लेकर सोशल मीडिया पर लिखा कि शराब दुकान को लेकर बड़ी संख्या में माताओं-बहनों ने विरोध प्रदर्शन किया है। निश्चित रूप से यह स्थान घनी आबादी एवं मंदिर के समीप है। ऐसे में यहां शराब की दुकान का संचालन स्वीकार्य नहीं किया जा सकता है। मैंने कलेक्टर को अवगत कराया है, यह दुकान यहां संचालित नहीं की जाए, ऐसा आग्रह किया है। हर साल विरोध, अफसर बोले-नियमों की वजह से नहीं हटाई
बता दें कि भोपाल में हर साल शराब दुकानों की शिफ्टिंग का मामला सुर्खियों में रहता है। अरेरा कॉलोनी की शराब दुकान का मामला तो राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक जा चुका है। बावजूद दुकान नहीं हटाई जा सकी है। इस दुकान के 50 मीटर दूर ही आर्य समाज का मंदिर भी है, लेकिन आबकारी विभाग ने नियमों का हवाला देते हुए आर्य समाज मंदिर को मंदिर मानने से ही इनकार किया था। इसके बाद मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने नाराजगी भी जताई थी। इन दुकानों को लेकर भी प्रदर्शन का दौर बुधवार को पॉलीटेक्निक चौराहे पर बड़ा प्रदर्शन हो चुका है। प्रोफेसर कॉलोनी के पिछले हिस्से में और मुख्य रोड से सिर्फ 10 फीट की दूरी पर ही दुकान है। आसपास स्कूल-कॉलेज भी है, जबकि चौराहे से मुख्यमंत्री, मंत्री समेत तमाम वीआईपी गुजरते हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं ने दुकान हटाने को लेकर जमकर हंगामा किया था। बोर्ड तोड़ दिए थे। वहीं, फ्लैक्स और बैनर भी हटाए थे। पुलिस को आकर मामले को शांत करना पड़ा था। अवधपुरी इलाके के ऋषिपुरम् में 80 फीट रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास संचालित शराब दुकान को हटाने की मांग भी पिछले पांच दिन से की जा रही है। यहां सुंदरकांड का पाठ भी किया जा रहा है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि दुकान के कारण इलाके का माहौल बिगड़ रहा है और आए दिन आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। कमलेश सोलंकी ने बताया कि मोहल्ले के लोग लंबे समय से इस दुकान को हटाने की मांग कर रहे हैं। शराब दुकान के आसपास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल बन गया है। कई बार यहां से गुजरने वाली महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं सामने आई हैं। इसके अलावा झगड़े और अन्य अपराध भी बढ़ गए हैं। जिससे आम लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। ईंटखेड़ी की शराब दुकान को लेकर भी लोग नाराज हैं। उन्होंने पुलिस से भी शिकायत की है। ताकि, ठेका शिफ्ट हो सके।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *