बक्सर के DTO ऑफिस में शराब बरामद, FIR की मांग:पूर्व विधायक मुन्ना तिवारी बोले- बिना मिलीभगत संभव नहीं, मुख्यमंत्री को लिखा लेटर

बक्सर के DTO ऑफिस में शराब बरामद, FIR की मांग:पूर्व विधायक मुन्ना तिवारी बोले- बिना मिलीभगत संभव नहीं, मुख्यमंत्री को लिखा लेटर

बक्सर जिला परिवहन कार्यालय (डीटीओ) में शराब बरामदगी का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। बक्सर सदर के पूर्व विधायक संजय कुमार तिवारी ‘मुन्ना’ ने इस मामले में जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) और संबंधित कर्मियों पर नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री सहित उच्च अधिकारियों को इस संबंध में पत्र भी भेजा है। शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में पूर्व विधायक ने इस घटना को बिहार के शराबबंदी कानून का खुला उल्लंघन बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना सरकारी कर्मियों और अधिकारियों की मिलीभगत के कार्यालय परिसर में शराब की बरामदगी संभव नहीं है। कानून के पालन और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी मुन्ना तिवारी ने कहा कि जिस विभाग पर कानून के पालन और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी है, वहीं शराब का मिलना बेहद गंभीर है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि इससे न केवल बक्सर बल्कि पूरे बिहार की छवि राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावित हुई है। पूर्व विधायक ने अपने पत्र में बताया कि 14 मई, 2024 को जिला परिवहन कार्यालय में डीटीओ के कक्ष से शराब बरामद होने की सूचना विभिन्न समाचार पत्रों और मीडिया चैनलों में प्रकाशित हुई थी। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ शराबबंदी कानून का सीधा उल्लंघन करार दिया। संबंधित कमरे को तत्काल सील करने की भी मांग की उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि परिवहन कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को जांच में साक्ष्य के रूप में शामिल किया जाए। साथ ही, संबंधित कमरे को तत्काल सील करने की भी मांग की गई है ताकि सबूतों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न हो सके। मुन्ना तिवारी ने यह भी आरोप लगाया कि मामले की लीपापोती शुरू हो चुकी है और प्रशासन द्वारा एफआईआर की प्रतिलिपि मांगने पर आनाकानी की जा रही है। पूर्व विधायक ने अपने पत्र में लिखा कि सरकार की नई व्यवस्था को बदनाम करने के लिए कुछ कर्तव्यहीन पदाधिकारी जिले में सक्रिय हैं, जिन पर कठोर कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने मुख्यमंत्री की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि वे हमेशा निष्पक्ष और कड़े प्रशासक के रूप में जाने जाते रहे हैं, इसलिए इस मामले में उनके हस्तक्षेप की आवश्यकता है। इस मामले की प्रतिलिपि बिहार के पुलिस महानिदेशक, मद्य निषेध विभाग के सचिव, पटना प्रमंडल के आईजी, शाहाबाद के डीआईजी, बक्सर जिलाधिकारी तथा बक्सर पुलिस अधीक्षक को भी मेल के माध्यम से भेजी गई है। संवाददाता सम्मेलन में बिहार कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष नीलू मिश्र, राहुल शर्मा, शुभम तिवारी, नितेश कुमार सहित कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बक्सर जिला परिवहन कार्यालय (डीटीओ) में शराब बरामदगी का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। बक्सर सदर के पूर्व विधायक संजय कुमार तिवारी ‘मुन्ना’ ने इस मामले में जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) और संबंधित कर्मियों पर नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री सहित उच्च अधिकारियों को इस संबंध में पत्र भी भेजा है। शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में पूर्व विधायक ने इस घटना को बिहार के शराबबंदी कानून का खुला उल्लंघन बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना सरकारी कर्मियों और अधिकारियों की मिलीभगत के कार्यालय परिसर में शराब की बरामदगी संभव नहीं है। कानून के पालन और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी मुन्ना तिवारी ने कहा कि जिस विभाग पर कानून के पालन और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी है, वहीं शराब का मिलना बेहद गंभीर है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि इससे न केवल बक्सर बल्कि पूरे बिहार की छवि राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावित हुई है। पूर्व विधायक ने अपने पत्र में बताया कि 14 मई, 2024 को जिला परिवहन कार्यालय में डीटीओ के कक्ष से शराब बरामद होने की सूचना विभिन्न समाचार पत्रों और मीडिया चैनलों में प्रकाशित हुई थी। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ शराबबंदी कानून का सीधा उल्लंघन करार दिया। संबंधित कमरे को तत्काल सील करने की भी मांग की उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि परिवहन कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को जांच में साक्ष्य के रूप में शामिल किया जाए। साथ ही, संबंधित कमरे को तत्काल सील करने की भी मांग की गई है ताकि सबूतों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न हो सके। मुन्ना तिवारी ने यह भी आरोप लगाया कि मामले की लीपापोती शुरू हो चुकी है और प्रशासन द्वारा एफआईआर की प्रतिलिपि मांगने पर आनाकानी की जा रही है। पूर्व विधायक ने अपने पत्र में लिखा कि सरकार की नई व्यवस्था को बदनाम करने के लिए कुछ कर्तव्यहीन पदाधिकारी जिले में सक्रिय हैं, जिन पर कठोर कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने मुख्यमंत्री की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि वे हमेशा निष्पक्ष और कड़े प्रशासक के रूप में जाने जाते रहे हैं, इसलिए इस मामले में उनके हस्तक्षेप की आवश्यकता है। इस मामले की प्रतिलिपि बिहार के पुलिस महानिदेशक, मद्य निषेध विभाग के सचिव, पटना प्रमंडल के आईजी, शाहाबाद के डीआईजी, बक्सर जिलाधिकारी तथा बक्सर पुलिस अधीक्षक को भी मेल के माध्यम से भेजी गई है। संवाददाता सम्मेलन में बिहार कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष नीलू मिश्र, राहुल शर्मा, शुभम तिवारी, नितेश कुमार सहित कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।  

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