किशनगंज के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम सुरेश कुमार सिंह की अदालत ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में पांच वर्ष पुराने हत्या के मामले में दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला जमीनी विवाद से जुड़ा था। अदालत ने अफसर आलम और अकबर आलम को हत्या का दोषी पाते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों आरोपी बहादुरगंज थाना क्षेत्र के निवासी हैं। उन पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह सजा सत्र वाद संख्या 43/20 और बहादुरगंज थाना कांड संख्या 125/20 के तहत सुनाई गई। अपर लोक अभियोजक सुरेन प्रसाद साहा ने सजा के बिंदु पर जोरदार दलीलें पेश कीं। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पुख्ता सबूत और गवाहों के बयान प्रस्तुत किए, जिन्होंने आरोपियों के अपराध को साबित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों आरोपियों ने पीड़ित पर कुल्हाड़ी और डंडे से किया था हमला जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने जमीन पर मकान बनाने के विवाद के चलते पीड़ित पर कुल्हाड़ी और डंडे से हमला कर हत्या की घटना को अंजाम दिया था। घटना की पृष्ठभूमि में जमीनी विवाद को लेकर लंबे समय से तनातनी चली आ रही थी। न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि हत्या जैसे जघन्य अपराधों के लिए कठोर सजा आवश्यक है, ताकि समाज में कानून का भय बना रहे। इस फैसले का स्थानीय लोगों और प्रशासन ने स्वागत किया है, इसे ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया गया है। किशनगंज के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम सुरेश कुमार सिंह की अदालत ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में पांच वर्ष पुराने हत्या के मामले में दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला जमीनी विवाद से जुड़ा था। अदालत ने अफसर आलम और अकबर आलम को हत्या का दोषी पाते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों आरोपी बहादुरगंज थाना क्षेत्र के निवासी हैं। उन पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह सजा सत्र वाद संख्या 43/20 और बहादुरगंज थाना कांड संख्या 125/20 के तहत सुनाई गई। अपर लोक अभियोजक सुरेन प्रसाद साहा ने सजा के बिंदु पर जोरदार दलीलें पेश कीं। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पुख्ता सबूत और गवाहों के बयान प्रस्तुत किए, जिन्होंने आरोपियों के अपराध को साबित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों आरोपियों ने पीड़ित पर कुल्हाड़ी और डंडे से किया था हमला जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने जमीन पर मकान बनाने के विवाद के चलते पीड़ित पर कुल्हाड़ी और डंडे से हमला कर हत्या की घटना को अंजाम दिया था। घटना की पृष्ठभूमि में जमीनी विवाद को लेकर लंबे समय से तनातनी चली आ रही थी। न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि हत्या जैसे जघन्य अपराधों के लिए कठोर सजा आवश्यक है, ताकि समाज में कानून का भय बना रहे। इस फैसले का स्थानीय लोगों और प्रशासन ने स्वागत किया है, इसे ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।


