LIC का बड़ा दांव, गिरते मार्केट में भी इन 10 शेयरों में डाल दिए 18,500 करोड़ रुपये

LIC का बड़ा दांव, गिरते मार्केट में भी इन 10 शेयरों में डाल दिए 18,500 करोड़ रुपये

LIC Investment: जब शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखकर निवेशकों के हाथ-पांव फूल रहे थे, तब देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC चुपचाप बड़ा दांव खेल रही थी। मार्च तिमाही में बाजार में भारी गिरावट के बीच LIC ने करीब 18,500 करोड़ रुपये के शेयर खरीद डाले। यानी जहां आम निवेशक डरकर बेच रहे थे, वहीं LIC मौके को भुनाने में लगी थी। सबसे ज्यादा चर्चा Bajaj Finance में की गई खरीदारी की हो रही है। इस दौरान कंपनी का शेयर करीब 19 फीसदी टूट गया था, लेकिन LIC ने इसी गिरावट में 2.32 करोड़ शेयर खरीद लिए। अनुमान है कि इस निवेश की कीमत करीब 2,167 करोड़ रुपये रही। इसी तरह भारती एयरटेल, TCS, सिप्ला, Infosys और HAL जैसे बड़े शेयरों में भी LIC ने हजारों करोड़ रुपये लगाए हैं।

IRFC में दोगुनी की हिस्सेदारी

सबसे चौंकाने वाली खरीद IRFC में देखने को मिली। रेलवे सेक्टर के इस PSU शेयर में LIC ने अपनी हिस्सेदारी लगभग दोगुनी कर ली। कंपनी ने करीब 18.72 करोड़ शेयर खरीदे, जिनकी कीमत करीब 2,044 करोड़ रुपये बताई जा रही है। दिलचस्प बात यह है कि इसी दौरान IRFC का शेयर करीब 30 फीसदी टूट गया था। यानी LIC ने गिरते शेयर में भी भरोसा दिखाया।

LIC ने गिरावट में देखा मौका

HAL में भी LIC ने बड़ा निवेश किया। कंपनी का शेयर तिमाही में करीब 21 फीसदी गिरा, लेकिन LIC ने करीब 1,819 करोड़ रुपये लगाए। Infosys में 1,897 करोड़ रुपये और HCL Tech, Hyundai Motor India और Maruti Suzuki जैसे शेयरों में भी कंपनी ने बड़ी खरीदारी की। आंकड़े बताते हैं कि जिन 58 कंपनियों में LIC ने हिस्सेदारी बढ़ाई, उनके शेयर औसतन 12 फीसदी से ज्यादा टूटे थे। साफ है कि LIC ने गिरावट को खरीदारी के मौके की तरह इस्तेमाल किया।

LIC ने कुछ शेयरों में मुनाफावसूली भी की

हालांकि, कहानी सिर्फ खरीदारी तक सीमित नहीं थी। LIC ने कुछ बड़े शेयरों में मुनाफावसूली भी की। सबसे बड़ी बिकवाली SBI में हुई, जहां कंपनी ने करीब 4.22 करोड़ शेयर बेच दिए। इसकी वैल्यू करीब 4,626 करोड़ रुपये रही। ICICI Bank और HDFC Bank में भी हिस्सेदारी घटाई गई। यानी LIC सिर्फ आंख बंद करके खरीदारी नहीं कर रही थी, बल्कि सोच-समझकर पोर्टफोलियो में बदलाव कर रही थी।

गिरावट का एलआईसी पर भी असर

मार्केट में आई इस बड़ी गिरावट का असर LIC के पोर्टफोलियो पर भी पड़ा। मार्च 2026 के आखिर तक NSE में लिस्टेड कंपनियों में LIC की कुल हिस्सेदारी घटकर करीब 15.11 लाख करोड़ रुपये रह गई। यह पिछली तिमाही के मुकाबले करीब 13.6 फीसदी कम थी। हालांकि, फ्री-फ्लोट के हिसाब से देखें, तो बाजार में LIC की हिस्सेदारी थोड़ी बढ़ी है। इसका मतलब यह है कि गिरते बाजार में भी LIC ने अपेक्षाकृत ज्यादा खरीदारी की।

इन कंपनियों में बढ़ाई हिस्सेदारी

कुछ कंपनियों में LIC की हिस्सेदारी में बड़ा बदलाव देखने को मिला। Firstsource Solutions में कंपनी की हिस्सेदारी 1 फीसदी से बढ़कर 4 फीसदी के पार पहुंच गई। Cipla में हिस्सेदारी 7.69 फीसदी से बढ़कर 9.59 फीसदी हो गई। Hyundai Motor India, HAL और IRFC में भी हिस्सेदारी तेजी से बढ़ाई गई। Max Healthcare, Indian Hotels और Persistent Systems जैसी कंपनियों में भी LIC ने नई एंट्री या हिस्सेदारी बढ़ाई।

एलआईसी के पोर्टपोलियो में हैं ये बड़ी कंपनियां

आज भी LIC की सबसे बड़ी होल्डिंग्स में देश की दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज में LIC का निवेश सबसे ज्यादा है। इसके बाद SBI, Larsen & Toubro, ITC, Infosys, TCS, HDFC Bank, Bharti Airtel और ONGC जैसी कंपनियां आती हैं। वहीं, हिस्सेदारी के हिसाब से IDBI Bank और LIC Housing Finance में LIC की पकड़ सबसे मजबूत बनी हुई है।

दरअसल, LIC लंबे समय से एक खास रणनीति पर काम करती रही है। जब शेयर बाजार में डर का माहौल बनता है और अच्छे शेयर सस्ते हो जाते हैं, तब LIC खरीदारी बढ़ा देती है। इस बार भी वही तस्वीर दिखी। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार दांव काफी बड़ा है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि जिन शेयरों में LIC ने भारी निवेश किया है, वे आने वाले महीनों में कितना रिटर्न देते हैं।

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