जालोर के देबावास गांव की बेटी लक्षिता ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित प्राध्यापक (स्कूल शिक्षा) परीक्षा 2024-25 में लक्षिता ने अंग्रेजी विषय में पूरे राजस्थान में प्रथम स्थान (Rank 1) प्राप्त कर अपने जिले और गांव का नाम रोशन किया है। प्रतिदिन 7-8 घंटे की कड़ी मेहनत लक्षिता ने बताया कि उन्होंने इस मुकाम को हासिल करने के लिए लगभग 1 साल तक जयपुर में रहकर तैयारी की। उन्होंने प्रतिदिन 7 से 8 घंटे तक पढ़ाई की। लक्षिता ने इंग्लिश विषय पर पकड़ और नियमित अभ्यास ही उनकी इस बड़ी जीत का आधार बना। स्कूल से कॉलेज तक का सफर लक्षिता ने 10वीं बोर्ड अपने पैतृक गांव देबावास के सरकारी स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा पूरी की। 12वीं बोर्ड पाली जिले के विद्यावाड़ी से पढ़ाई की, जहां उन्होंने 98.60% अंक प्राप्त कर जिला टॉप किया था। ग्रेजुएशन और आगे की पढ़ाई उदयपुर से पूर्ण की। वर्तमान में 27 वर्ष की आयु में उन्होंने न केवल चयन सूची में जगह बनाई, बल्कि प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी योग्यता का लोहा मनवाया। शिक्षक पिता का मिला मार्गदर्शन लक्षिता के पिता डूंगरसिंह, स्वयं जालोर के सराणा गांव में एक शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। घर में शैक्षणिक माहौल होने के कारण लक्षिता को शुरू से ही सही दिशा और प्रेरणा मिली। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार, गांव और पूरे जालोर जिले में खुशी की लहर है। गांव में जश्न का माहौल रिजल्ट की घोषणा के बाद से ही देबावास में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि लक्षिता की यह सफलता क्षेत्र की अन्य बालिकाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।


