कोटा. प्राधिकरण क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा और यह उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। यह बात कोटा विकास प्राधिकरण के आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल ने शुक्रवार को प्राधिकरण के अधिकारियों और संवेदकों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में कही।
बैठक में आयुक्त अग्रवाल ने कड़े निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि प्राधिकरण क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा और यह उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने संवेदकों को सचेत करते हुए कहा कि कार्यादेश उनकी ओर से प्रस्तुत दरों और आपसी सहमति के आधार पर ही जारी किए जाते हैं। ऐसे में उच्च स्तरीय कार्य सुनिश्चित करना उनकी मूल जिम्मेदारी है।
परियोजनाओं की करो सटीक निगरानी
परियोजनाओं की सटीक निगरानी के लिए आयुक्त ने निदेशक अभियांत्रिकी को प्रत्येक कार्य का विस्तृत समय-चार्ट एवं कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए ताकि विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किया जा सकें। समीक्षा के दौरान, संवेदकों को डीएलपी अवधि वाली सड़कों पर तुरंत पैचवर्क पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि वे स्वयं समय-समय पर निर्माण कार्यों का औचक मौका निरीक्षण करेंगे और यदि किसी कार्य में तकनीकी खामी या लापरवाही पाई गई तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। इसके अतिरिक्त, आयुक्त ने उन कार्यों को भी तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए जिनके वर्क ऑर्डर जारी हो चुके हैं लेकिन धरातल पर अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है। बैठक में संवेदकों व अधिकारियों ने भाग लिया।
निर्माण कार्य समय पर करो पूरे
केडीए आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल ने विभिन्न निर्माणधीन विकास कार्यों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत श्रीनाथपुरम स्टेडियम से हुई, जहां आयुक्त ने सिंथेटिक ट्रैक, फुटबॉल ग्राउंड, बास्केटबॉल कोर्ट और वॉलीबॉल कोर्ट का अवलोकन किया। संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश प्रदान किए गए।
अतिक्रमण हटाकर कम्प्यूनिटी सेंटर बनाओं
आयुक्त अग्रवाल ने विकास पथ का भी निरीक्षण किया और वहां चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने घटोत्कच चौराहे पर स्थित रिक्त भूखण्ड में हो रहे अतिक्रमण को हटाकर वहां कम्युनिटी सेंटर विकसित करने के निर्देश दिए। आयुक्त ने ऑडिटोरियम में प्रगतिरत कार्यों का भी निरीक्षण किया। संबंधित अधिकारियों को कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इसी क्रम में, मेडिकल कॉलेज में निर्माणाधीन रामाश्रय के कार्य का निरीक्षण किया गया और गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय पर पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया गया। अग्रवाल ने सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ समयसीमा में पूर्ण करने और आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण के सचिव मुकेश चैधरी, निदेशक अभियांत्रिकी रविन्द्र माथुर एवं संबंधित जोन के अधीक्षण अभियंता एवं अधिशाषी अभियंता मौजूद रहे।


