Heart Health: आजकल की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में लोग खराब लाइफस्टाइल और खान-पान के साथ-साथ घंटों मोबाइल और लैपटॉप पर लगे रहने के कारण तेजी से मोटापे के शिकार हो रहे हैं। बढ़ते वजन को ज्यादातर लोग सिर्फ लुक से जोड़ कर देखते हैं। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि मोटापा सिर्फ आपकी बाहरी सुंदरता के लिए ही नहीं बल्कि आपके स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है, खासकर आपके दिल के लिए। यदि आप अपने बढ़ते वजन को समय रहते कंट्रोल नहीं करते हैं, तो यह हार्ट अटैक, स्ट्रोक या हार्ट फेल्योर जैसी गंभीर परेशानियों का कारण भी बन सकता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि शुरुआती दिनों में वजन कम करने से यह न सिर्फ दिल के लिए फायदेमंद होता है, बल्कि दिल पर पड़ने वाले नुकसान को भी कम किया जा सकता है।
आइए आज के इस लेख में बढ़ते वजन से दिल पर पड़ने वाले असर के बारे में डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल गोरखपुर के कार्डियोलॉजी विभाग में तैनात कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर रोहित गुप्ता के अनुसार विस्तार से जानते हैं।
ज्यादा वजन का दिल पर असर (Effects of Being Overweight on Heart)
जब शरीर का वजन जरूरत से ज्यादा हो जाता है, तो दिल को पूरे शरीर में खून पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। डॉक्टर रोहित गुप्ता के अनुसार, लगातार ज्यादा काम करने से दिल की मांसपेशी मोटी हो सकती है और धमनियां (आर्टरीज) सख्त हो सकती हैं। इससे हाइपरटेंशन यानी हाइ ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। मोटापा अक्सर इंसुलिन रेसिस्टेंस से जुड़ा होता है, जिससे टाइप 2 डायबिटीज का खतरा भी बढ़ता है। इसके अलावा, पेट का एक्स्ट्रा फैट सूजन और रक्त वाहिकाओं (ब्लड वेसेल्स) की लाइन को नुकसान पहुंचाता है, जिससे ब्लड में प्लाक का खतरा भी बढ़ जाता है। यही वजह है कि ज्यादा वजन लंबे समय तक दिल के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
वजन कम करने के फायदे (Benefits of Losing Weight)
डॉक्टर रोहित गुप्ता के अनुसार, BMI से ज्यादा बढ़े वजन में से थोड़ा सा भी वजन कम करना भी दिल की सेहत पर बड़ा असर डाल सकता है। इससे ब्लड प्रेशर कम होता है, LDL यानी ‘बुरा’ कोलेस्ट्रॉल घटता है, ब्लड शुगर बेहतर होता है और शरीर में सूजन कम होती है। इसके अलावा वजन कम होने से दिल का काम करना भी आसान हो जाता है। शुरुआत में वजन घटाने से होने वाले बदलाव दिल की मांसपेशियों (हार्ट मसल्स) को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करते हैं और दिल पर पड़ने वाले तनाव को कम कर सकते हैं।
जीवनशैली में बदलाव जो फर्क डालते हैं (Lifestyle Changes for Heart Health)
दिल को स्वस्थ रखने के लिए क्रैश डाइटिंग की बजाय लंबे समय तक के बदलाव अपनाना जरूरी है। डॉक्टर रोहित गुप्ता के अनुसार, इसके साथ ही अपने डाइट में फल, सब्जियां, होल ग्रेन्स, लीन प्रोटीन और हेल्दी फैट शामिल करें। रोजाना 30 मिनट वॉक जैसी हल्की-फुल्की एक्सरसाइज दिल और रक्त संचार (सर्कुलेशन) के लिए फायदेमंद है। इसके अलावा पर्याप्त नींद लेना, स्ट्रेस कम करना और धूम्रपान न करना भी जरूरी है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना लाभकारी हो सकता है।
रोकथाम इलाज से बेहतर (Prevention is Better than Cure)
दिल से जुड़ी परेशानियों को शुरुआती दौर में वजन कम करके रोका जा सकता है, लेकिन गंभीर दिल की बीमारी को पूरी तरह ठीक करना मुश्किल होता है। डॉक्टर रोहित गुप्ता के अनुसार, इसलिए समय रहते कदम उठाना जरूरी है। ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और BMI की जांच कर संभावित खतरे का पता लगाया जा सकता है।


