भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने ‘खेलो इंडिया 2.0’ पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल खेल प्रतियोगिताओं को बढ़ावा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों के समग्र विकास के लिए एक मजबूत व्यवस्था तैयार करने की दिशा में बड़ा बदलाव है। हमीरपुर से सांसद ठाकुर ने शनिवार शाम भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) में राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह में हिस्सा लिया। ठाकुर ने महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को भी याद करते हुए कहा कि ध्यानचंद की विरासत भारत के लिए जीते गए पदकों और हासिल की गई जीत से कहीं आगे है।उनकी पहचान अनुशासन, समर्पण, दृढ़ता और देशभक्ति जैसे स्थायी मूल्यों के प्रतीक के रूप में है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस इन मूल्यों को याद करने और उन्हें आगे बढ़ाने का अवसर है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में ऐसी खेल संस्कृति विकसित करने की जरूरत है, जिसमें हर बच्चे को अपनी खेल प्रतिभा पहचानने, उसे आगे बढ़ाने और उसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का अवसर मिले।इसे भी पढ़ें: PM Narendra Modi ने कहा, Paris Olympics 2024 की तरह आधे खेलों से दूरी रखकर मेडल नहीं बढ़ेंगेउन्होंने कहा कि भारत की खेल व्यवस्था में पिछले वर्षों में व्यापक बदलाव आया है और सरकार खेलों को लेकर अधिक संसाधन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बताया कि युवा मामले और खेल मंत्रालय का बजट 2014-15 में 1,643 करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 2026-27 में 4,479.88 करोड़ रुपये हो गया है। ‘खेलो इंडिया 2.0’ के तहत 2026 से 2031 तक की अवधि के लिए 36,441 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने ‘खेलो इंडिया 2.0’ पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल खेल प्रतियोगिताओं को बढ़ावा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों के समग्र विकास के लिए एक मजबूत व्यवस्था तैयार करने की दिशा में बड़ा बदलाव है। हमीरपुर से सांसद ठाकुर ने शनिवार शाम भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) में राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह में हिस्सा लिया। ठाकुर ने महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को भी याद करते हुए कहा कि ध्यानचंद की विरासत भारत के लिए जीते गए पदकों और हासिल की गई जीत से कहीं आगे है।
उनकी पहचान अनुशासन, समर्पण, दृढ़ता और देशभक्ति जैसे स्थायी मूल्यों के प्रतीक के रूप में है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस इन मूल्यों को याद करने और उन्हें आगे बढ़ाने का अवसर है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में ऐसी खेल संस्कृति विकसित करने की जरूरत है, जिसमें हर बच्चे को अपनी खेल प्रतिभा पहचानने, उसे आगे बढ़ाने और उसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का अवसर मिले।
इसे भी पढ़ें: PM Narendra Modi ने कहा, Paris Olympics 2024 की तरह आधे खेलों से दूरी रखकर मेडल नहीं बढ़ेंगे
उन्होंने कहा कि भारत की खेल व्यवस्था में पिछले वर्षों में व्यापक बदलाव आया है और सरकार खेलों को लेकर अधिक संसाधन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बताया कि युवा मामले और खेल मंत्रालय का बजट 2014-15 में 1,643 करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 2026-27 में 4,479.88 करोड़ रुपये हो गया है। ‘खेलो इंडिया 2.0’ के तहत 2026 से 2031 तक की अवधि के लिए 36,441 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
Hindi News – News in Hindi – Latest News in Hindi | Prabhasakshi

