कॉलोनाइजर को राहत देने से खंडवा कोर्ट का इनकार:जमीन पर कब्जे का सबूत नहीं दे पाए; फैसले के बाद फिर से विवादित जमीन पर हंगामा

कॉलोनाइजर को राहत देने से खंडवा कोर्ट का इनकार:जमीन पर कब्जे का सबूत नहीं दे पाए; फैसले के बाद फिर से विवादित जमीन पर हंगामा

खंडवा शहर की जूनी इंदौर लाइन स्थित सुजापुर कला की विवादित जमीन को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए कॉलोनाइजर अभय जैन और आयुष जैन को राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि केवल रजिस्ट्री, नामांतरण या अन्य दस्तावेजों के आधार पर कब्जा साबित नहीं माना जा सकता, बल्कि मौके पर वास्तविक कब्जा किसका है, यही निर्णायक आधार होगा। यह मामला जमीन को लेकर अभय जैन पक्ष और रितेश गोयल पक्ष के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद से जुड़ा है। शांति भंग की आशंका के चलते पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 164 के तहत मामले को न्यायालय में प्रस्तुत किया था। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यह देखना जरूरी है कि विवाद से पहले के 60 दिनों में जमीन पर वास्तविक कब्जा किसका था। जैन पक्ष द्वारा प्रस्तुत रजिस्ट्री, नामांतरण और सीमांकन जैसे दस्तावेज कब्जे की स्थिति सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं पाए गए। साथ ही कोर्ट ने यह भी माना कि जैन पक्ष ने पहले कब्जा स्थापित करने के लिए कोई ठोस कानूनी कदम नहीं उठाया। कोर्ट ने मामले को मूल रूप से लेन-देन से जुड़ा सिविल विवाद मानते हुए जैन पक्ष को सिविल कोर्ट जाने की सलाह दी और धारा 164 के तहत राहत देने से इनकार कर दिया। फैसले के बाद भी विवाद, हथियारों के साथ पहुंचे लोग
कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बावजूद विवाद ने फिर तूल पकड़ लिया। आरोप है कि अभय जैन के बेटे आयुष जैन और पिता कांतिलाल जैन 10-12 लोगों के साथ जेसीबी और वाहनों में सवार होकर विवादित जमीन पर कब्जा लेने पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ लोगों के पास धारदार हथियार थे और कांतिलाल जैन के हाथ में बल्लम जैसा हथियार देखा गया। मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस गई और मामले को शांत कराया।

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