Kaushambi पटाखा फैक्ट्री Blast: वांछित आरोपी आदिल Encounter के बाद गिरफ्तार

Kaushambi पटाखा फैक्ट्री Blast: वांछित आरोपी आदिल Encounter के बाद गिरफ्तार

कौशांबी (उप्र), तीन सितंबर उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में 31 अगस्त को अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में 14 लोगों की मौत के मामले में एक वांछित आरोपी बृहस्पतिवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। चायल के पुलिस क्षेत्राधिकारी शिवांक सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान आदिल पुत्र नौशाद के रूप में हुई है।

मुठभेड़ के दौरान उसके दोनों पैरों में गोली लगी है और उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने पिपरी थाना क्षेत्र में हुए विस्फोट के संबंध में छह आरोपियों, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं, के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) और 288 (विस्फोटक पदार्थ के संबंध में लापरवाही भरा आचरण) तथा विस्फोटक अधिनियम की धारा 4, 5 और 9-बी के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी नौशाद को एक सितंबर को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था, जबकि दो महिला आरोपी शबाना और सायना को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

पुलिस ने बताया कि तीन आरोपियों – शकील, आदिल और शबाना – को वांछित घोषित किया गया था और उनकी गिरफ्तारी के लिए सूचना देने पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। सिंह ने बताया कि तीनों फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार पुलिस टीमों का गठन किया गया था और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही थी। उन्होंने कहा कि 2 और 3 सितंबर की दरमियानी रात मुखबिर की सूचना पर पिपरी पुलिस टीम को पता चला कि आदिल मोटरसाइकिल पर कमलपुर-बरेठी रोड पर नहर के पुल की तरफ आ रहा है।

सिंह ने कहा, जब पुलिस ने उसे घेरने की कोशिश की तो आदिल ने अपनी मोटरसाइकिल मोड़ी और भागने की कोशिश की। आत्मसमर्पण करने को कहने पर उसने पुलिस टीम पर गोली चला दी। आत्मरक्षा में की गई जवाबी गोलीबारी में उसके दोनों पैरों में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने दावा किया कि उसके कब्जे से एक देसी पिस्तौल, एक जिंदा कारतूस, तीन खोखे और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है। अधिकारी ने बताया कि आदिल के खिलाफ बीएनएस की धारा 109(1) (हत्या का प्रयास) और शस्त्र अधिनियम की धारा 3/25 सहित अन्य धाराओं के तहत अलग से मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ के दौरान आदिल ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि वह और उसके साथी आर्थिक लाभ के लिए महमूदपुर-मनौरी पावर हाउस के पास एक गोदाम में अवैध पटाखे और विस्फोटक सामग्री बनाने और भंडारण करने में लगे थे।

पुलिस ने बताया कि 31 अगस्त को गोदाम में रखे पटाखों और बारूद में विस्फोट हो गया, जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई और आसपास के कई घर क्षतिग्रस्त हो गए।

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