कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र में यूनाइटेड मर्केन्टाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की शारदा नगर शाखा से जुड़े एक कथित धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बैंक प्रबंधन ने आरोप लगाया है कि बैंक में बंधक रखी गई संपत्ति का गुपचुप तरीके से दूसरे पक्ष के नाम विक्रय अनुबंध कर आर्थिक नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। वही पुलिस ने दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।
27 लाख रुपये का था भवन ऋण
यूनाइटेड मर्केन्टाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के शाखा प्रबंधक पीसी महेश्वरी की ओर से जनशिकायत प्रकोष्ठ सेंट्रल जोन में दी गई तहरीर के अनुसार अनवरगंज निवासी सरदार कुलविंदर सिंह, सरदार सरबजीत सिंह और चरनजीत कौर ने कौशलपुरी स्थित भवन संख्या 118/550 को बैंक में बंधक रखकर वर्ष 2011 में 27 लाख रुपये का भवन ऋण लिया था। इसके बाद 21 नवंबर 2012 को पांच लाख रुपये का अतिरिक्त ऋण भी स्वीकृत कराया गया। इस तरह आरोपियों पर कुल 32 लाख रुपये का ऋण लेने का आरोप है।
बैंक को बिना बताए कर दिया विक्रय अनुबंध
बैंक प्रबंधन के मुताबिक ऋण लेने के बाद आरोपियों ने बैंक की किस्तों का नियमित भुगतान नहीं किया। बैंक की ओर से बकाया राशि की वसूली की कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान बैंक को अपने अधिवक्ता के माध्यम से जानकारी मिली कि बैंक में बंधक रखी गई संपत्ति का 18 अप्रैल 2012 को तीरथ सिंह और दलबीर कौर के पक्ष में 17.62 लाख रुपये में पंजीकृत विक्रय अनुबंध कर दिया गया था।आरोप है कि इस अनुबंध के एवज में 9.62 लाख रुपये भी प्राप्त कर लिए गए थे। बैंक का कहना है कि संपत्ति बैंक में बंधक होने की जानकारी छिपाकर यह अनुबंध किया गया, जिससे बैंक को आर्थिक क्षति पहुंची।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, दस्तावेजों की जांच शुरू
मामले में बैंक प्रबंधन की तहरीर पर रावतपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। थाना प्रभारी कमलेश राय ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


